
किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर और आचार्य महामंडलेश्वर को लेकर हुए विवाद के बाद ममता कुलकर्णी आज महाकुंभ में वापस लौट आईं। 24 जनवरी को आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी द्वारा महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद वह अचानक कुंभ छोड़कर चली गई थीं। इस दौरान उनके वाराणसी और अयोध्या में दर्शन-पूजन करने की खबरें सामने आई थीं।
बसंत पंचमी के अमृत स्नान में लेंगी भाग?
ऐसा माना जा रहा है कि बसंत पंचमी के अमृत स्नान में ममता कुलकर्णी, जो अब महामंडलेश्वर यमाई ममता नंद गिरी बन चुकी हैं, किन्नर अखाड़े के साथ स्नान कर सकती हैं। कुंभ में लौटने के बाद उन्होंने भस्म लगाकर पारंपरिक श्रृंगार किया और किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर समेत अन्य महामंडलेश्वरों का आशीर्वाद भी लिया।
किन्नर अखाड़े में उठा था बड़ा विवाद
गौरतलब है कि हाल ही में किन्नर अखाड़े में बड़ा विवाद सामने आया था। खुद को किन्नर अखाड़े का संस्थापक बताने वाले ऋषि अजय दास ने लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और ममता कुलकर्णी को उनके पदों से हटाने का ऐलान किया था। हालांकि, अखाड़ा परिषद ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी करार दिया और दोनों महामंडलेश्वरों को पद से हटाने की बात को अफवाह बताया। साथ ही, ऋषि अजय दास को ही फर्जी घोषित कर दिया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया था कि लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ही किन्नर अखाड़े की प्रमुख हैं और वह जिसको चाहे महामंडलेश्वर बन सकती हैं। इस विवाद के बाद ममता कुलकर्णी आज वापस लौटी हैं और उन्होंने भगवा रंग का कपड़ा ओढ़कर रुद्राक्ष की माला गले में धारण करते हुए भस्म से श्रृंगार किया है। आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का आशीर्वाद भी लिया है।
किन्नर महामंडलेश्वर यमाई ममता नंद गिरी महाराज आज भस्म लगाए हुए दिखाई दी हैं। महाकुंभ नगर के सेक्टर -16 संगम लोवर पूर्वी मार्ग पर किन्नर अखाड़े का शिविर लगा है। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी संग भस्म लगाए हुए हैं। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डॉ। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने कहा कि महाकुंभ के दौरान किन्नर अखाड़े का विस्तार जारी रहेगा।














