
पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर आज पहले चरण का मतदान जारी है। राज्य में चुनाव प्रक्रिया दो चरणों में हो रही है, जिसमें अगला चरण 29 अप्रैल को संपन्न होगा। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने मतदान के दौरान मीडिया से बातचीत की और राजनीतिक बयानबाजी तेज कर दी। उन्होंने मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और इसके बाद राजनीतिक माहौल को और गर्म करते हुए कहा कि इस बार राज्य में परिवर्तन तय है।
शुभेंदु अधिकारी ने अपने बयान में कहा कि यदि इस बार बंगाल में बदलाव नहीं हुआ, तो “सनातन संस्कृति” के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अभी भी कई स्थानों पर असामाजिक तत्व सक्रिय हैं और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर कहा कि आयोग अच्छा कार्य कर रहा है, लेकिन कुछ जगहों पर गड़बड़ी करने वाले लोग घूम रहे हैं।
“हमारे पोलिंग एजेंट को गिरफ्तार किया गया” – शुभेंदु अधिकारी का आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनके पार्टी के पोलिंग एजेंट को मतदान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे उन्होंने गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की। नंदीग्राम में मतदान करने पहुंचे अधिकारी ने चुनाव व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से बेहतर है।
उन्होंने जनता से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें और शांति बनाए रखें। शुभेंदु ने कहा, “मैं शांतिपूर्ण मतदान की प्रार्थना करता हूं और उम्मीद करता हूं कि इस बार टीएमसी चुनाव प्रक्रिया में बाधा नहीं डालेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि मतदान से एक रात पहले का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्रीय सुरक्षा बलों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया।
नंदीग्राम और भबानीपुर की सियासी अहमियत
नंदीग्राम वही सीट है, जहां से 2021 में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पराजित किया था। इस बार भी नंदीग्राम पहले चरण के मतदान में शामिल है, जबकि ममता बनर्जी की सीट भबानीपुर दूसरे चरण में मतदान के लिए जाएगी। दोनों नेताओं की चुनावी मौजूदगी ने इस बार मुकाबले को और अधिक रोचक बना दिया है।
शुभेंदु अधिकारी की उम्मीद है कि वे एक बार फिर यह साबित कर सकें कि वे ही ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखते हैं। वहीं दूसरी ओर, दोनों सीटों पर चुनावी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है।
ममता का बांग्ला कार्ड बनाम भाजपा का हिंदू कार्ड
राजनीतिक रणनीति की बात करें तो तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी लगातार “बांग्ला अस्मिता” के मुद्दे को केंद्र में रखकर चुनाव प्रचार कर रही हैं। वहीं भाजपा “हिंदू कार्ड” के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इससे पहले भी ममता बनर्जी क्षेत्रीय पहचान और संस्कृति के मुद्दों को उठाती रही हैं।
इस चुनावी माहौल में ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि यदि वे सत्ता में आते हैं तो बंगालियों की खान-पान की परंपराएं, जैसे मछली और अंडा खाना, प्रभावित हो सकती हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है, जिसके जवाब में भाजपा नेताओं ने कई जगहों पर मछली का सेवन कर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया भी दी है।













