राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने बड़ा बयान दिया है। हवामहल से विधायक आचार्य ने राज्य में अपराध नियंत्रण की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पहले हर दिन औसतन 23 दुष्कर्म के मामले दर्ज होते थे, लेकिन अब पुलिस की सक्रियता से अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है।
लव जिहाद पर सख्त रुख
बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर कड़ा संदेश देते हुए कहा, "जो भी लोग महिलाओं पर अत्याचार करने की सोच रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे सजा कुछ भी हो। कानून के मुताबिक जो भी दंड निर्धारित है, वह जरूर दिया जाएगा।" उन्होंने लव जिहाद का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार इस तरह के अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर बुलडोजर का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
पूर्व सरकार पर निशाना
बालमुकुंद आचार्य ने कांग्रेस की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पहले महिलाओं से जुड़े अपराधों में कोई सुनवाई नहीं होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में अपराधियों के हौसले बुलंद थे, लेकिन अब भजनलाल सरकार के आने के बाद साइबर क्राइम, माफिया गतिविधियों, वसूली, और पेपर लीक माफिया पर सख्ती से लगाम लगाई गई है। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में अपराधों में लगातार गिरावट देखने को मिली है, क्योंकि सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं।
"अगर जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलेगा"
बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि अब महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार माता-बहनों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। अगर अपराधियों पर कार्रवाई के लिए बुलडोजर की जरूरत पड़ी, तो राजस्थान में भी बुलडोजर चलेगा। जो लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।" उनका यह बयान राज्य की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार की सख्त नीति को दर्शाता है। विपक्षी दलों की आलोचनाओं के बावजूद, बीजेपी सरकार अपराध मुक्त राजस्थान बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।