
मध्य पूर्व में जारी युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत में भी महसूस किया जाने लगा है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। इसी स्थिति को देखते हुए भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एलपीजी सप्लाई को लेकर कुछ अहम फैसले किए हैं। मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी का उत्पादन बढ़ाएं और अतिरिक्त उत्पादन को प्राथमिक रूप से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस्तेमाल करें। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड भी लागू कर दिया गया है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयातित एलपीजी से मिलने वाली गैर-घरेलू गैस सप्लाई को फिलहाल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि अन्य कमर्शियल क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता सीमित हो सकती है।
कई राज्यों में कमर्शियल गैस की सप्लाई प्रभावित
सरकार के इस फैसले का असर अब देश के अलग-अलग राज्यों में दिखाई देने लगा है। मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक अस्पतालों और स्कूल-कॉलेजों के अलावा बाकी गैर-घरेलू क्षेत्रों—जैसे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योग—को गैस सप्लाई देने के मामलों की समीक्षा के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टरों की एक समिति बनाई गई है। यह समिति आने वाले आवेदनों का अध्ययन कर यह तय करेगी कि किस सेक्टर को किस आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाए।
इसी बीच दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित कई राज्यों से कमर्शियल एलपीजी सप्लाई बाधित होने की खबरें सामने आ रही हैं। सप्लाई में आई इस रुकावट के कारण छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। कई जगहों पर गैस की कमी के कारण कुछ प्रतिष्ठान बंद भी हो चुके हैं, जबकि हजारों कारोबार ऐसे हैं जो बंद होने के खतरे का सामना कर रहे हैं।
दिल्ली में सप्लाई रुकने से बढ़ी परेशानी
राजधानी दिल्ली में छोटी गैस एजेंसियों के पास कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। एक एजेंसी मालिक ने बताया कि फिलहाल उन्हें आगे से कमर्शियल गैस की डिलीवरी नहीं मिल रही है, जिसके कारण वे ग्राहकों को सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
उनके अनुसार इस स्थिति से ग्राहकों के बीच चिंता और घबराहट का माहौल बन गया है। कई लोग अपनी समस्या लेकर सीधे गैस एजेंसियों तक पहुंच रहे हैं।
उधर घरेलू उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक ग्राहक ने बताया कि उसका घरेलू सिलेंडर 15 दिन में ही खत्म हो गया, लेकिन 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड पूरा नहीं होने के कारण नया सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कई गैस एजेंसियों के बाहर नोटिस भी लगा दिए गए हैं, जिनमें बताया गया है कि फिलहाल होटल, ढाबा और अन्य कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद है और घरेलू सिलेंडर भी तय अवधि पूरी होने के बाद ही मिलेगा।
मुंबई में 20 प्रतिशत होटल बंद
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। होटल और रेस्टोरेंट से जुड़े संगठन “आहार” के अनुसार गैस की कमी के कारण अब तक लगभग 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं।
संगठन का कहना है कि अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो अगले दो-तीन दिनों में करीब 50 प्रतिशत तक होटल बंद हो सकते हैं। किस होटल के पास कितना गैस स्टॉक बचा है, उसी के आधार पर यह तय हो रहा है कि वे अपना कारोबार कितने दिन तक जारी रख पाएंगे।
आहार ने इस मामले में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर अपनी चिंता भी जताई है। संगठन मुंबई और आसपास के करीब 8000 छोटे रेस्टोरेंट, परमिट रूम और होटलों का प्रतिनिधित्व करता है और महाराष्ट्र के लगभग 65 होटल संगठनों से जुड़ा हुआ है।
कर्नाटक में भी रेस्टोरेंट मालिकों की चिंता बढ़ी
कर्नाटक में लगभग एक लाख होटल और रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। एक मध्यम आकार के रेस्टोरेंट को प्रतिदिन औसतन छह कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है। आमतौर पर रेस्टोरेंट मालिक एक दिन का अतिरिक्त स्टॉक अपने पास रखते हैं।
लेकिन सोमवार से तेल कंपनियों द्वारा कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई अचानक रोक दिए जाने के कारण होटल व्यवसायियों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल अधिकांश रेस्टोरेंट्स के पास मंगलवार तक का ही गैस स्टॉक बचा हुआ है। अगर समय पर सप्लाई नहीं मिली तो उन्हें अपने कारोबार को बंद करने की नौबत आ सकती है।
बेंगलुरु में लकड़ी या कोयले से खाना बनाने पर प्रतिबंध है, इसलिए शहर के लगभग 40 हजार रेस्टोरेंट पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं। बताया जा रहा है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास केवल चार दिन का स्टॉक बचा है। वहीं एक कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 1950 रुपये है, लेकिन कमी के कारण ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 3000 रुपये तक पहुंच गई है।
जयपुर में भी होटल कारोबार पर संकट
राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी एलपीजी सप्लाई में देरी के कारण होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि अगर गैस की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है।
वहीं गैस वितरकों का कहना है कि उनके गोदामों में पर्याप्त सिलेंडर नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिसके कारण वे ग्राहकों की मांग पूरी करने में असमर्थ हैं।
फेडरेशन ऑफ होटल एसोसिएशन राजस्थान के प्रतिनिधि गजेंद्र लूनीवाल ने कहा कि स्थिति अब चिंताजनक होती जा रही है। उनके अनुसार अगर सिलेंडर की सप्लाई नहीं सुधरी तो होटल और रेस्टोरेंट चलाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग भी की है।













