
आजकल फैशन की दुनिया में जूतों का खास महत्व है। कई लोगों को अलग-अलग डिजाइन और ब्रांड के जूते खरीदने का इतना शौक होता है कि उनके पास हर मौके के लिए अलग जोड़ी मौजूद रहती है। खासकर दोस्तों के ग्रुप में अक्सर कोई न कोई ऐसा व्यक्ति जरूर मिल जाता है जिसे नए-नए जूते पहनने का काफी शौक होता है। कई बार तो ऐसा भी देखने को मिलता है कि पूरे ग्रुप के पास स्टाइलिश और ट्रेंडी जूतों का शानदार कलेक्शन होता है।
अगर आप भी जूतों के शौकीन हैं और आपके पास भी कई तरह के स्पोर्ट्स शूज, स्नीकर्स या कैजुअल जूतों का अच्छा कलेक्शन है, तो हो सकता है आपने उनके डिजाइन की कई बारीकियों पर ध्यान दिया हो। लेकिन जूतों से जुड़ी एक छोटी-सी चीज ऐसी भी है, जिसे लगभग हर कोई देखता तो है, मगर उसके असली उपयोग के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
जूतों के पीछे दिखाई देती है एक खास स्ट्राइप
अगर इस समय आपने जूते पहन रखे हैं तो जरा एक नजर अपने जूतों के पीछे डालिए। और अगर जूते नहीं पहने हैं तो अलमारी से निकालकर ध्यान से देखिए। आपको जूते के पीछे, ठीक उस जगह पर जहां से पैर अंदर डाला जाता है, एक छोटी-सी पट्टी या स्ट्राइप दिखाई देगी।
यह स्ट्राइप लगभग हर तरह के जूतों में होती है—चाहे वे स्पोर्ट्स शूज हों, रनिंग शूज हों या फिर स्नीकर्स। दोनों जूतों के पीछे यह पट्टी लगी होती है और देखने में यह डिजाइन का हिस्सा लगती है। लेकिन असल में यह सिर्फ सजावट के लिए नहीं बनाई जाती, बल्कि इसका एक खास उपयोग होता है।
हील टैब या पुल लूप कहा जाता है इसे
जूते के पीछे लगी इस पट्टी को हील टैब (Heel Tab) या पुल लूप (Pull Loop) कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य जूते पहनने की प्रक्रिया को आसान बनाना होता है। जब आप जूते पहनते समय इस पट्टी को हल्के से पीछे की ओर खींचते हैं, तो पैर आसानी से जूते के अंदर चला जाता है और जूते का पिछला हिस्सा यानी हील काउंटर भी मुड़ने या खराब होने से बचा रहता है।
यानी यह छोटी-सी स्ट्राइप जूतों की फिटिंग को बेहतर बनाने और उन्हें जल्दी पहनने में मदद करती है। खासकर टाइट फिटिंग वाले स्पोर्ट्स शूज में यह काफी उपयोगी साबित होती है।
जूतों को सुखाने और टांगने में भी आती है काम
इसके अलावा इस स्ट्राइप का एक और फायदा भी है। अगर जूते गीले हो जाएं या धोने के बाद उन्हें सुखाना हो, तो इन्हें इसी पट्टी की मदद से टांग दिया जाता है। इससे जूतों के अंदर हवा आसानी से पहुंचती है और वे जल्दी सूख जाते हैं।
कई लोग ट्रैवल या जिम बैग में भी जूतों को पकड़कर निकालने के लिए इसी स्ट्राइप का इस्तेमाल करते हैं, जिससे जूतों को पकड़ना आसान हो जाता है।
ब्रांडिंग के लिए भी करते हैं कंपनियां इस्तेमाल
आजकल कई जूता बनाने वाली कंपनियां इस स्ट्राइप का इस्तेमाल ब्रांडिंग के लिए भी करती हैं। कई जूतों में इस पट्टी पर कंपनी का नाम, लोगो या टैगलाइन लिखी होती है। इससे न सिर्फ जूते की पहचान बनती है, बल्कि डिजाइन में भी एक अलग स्टाइल जुड़ जाता है।
यानी जूतों के पीछे लगी यह छोटी-सी स्ट्राइप सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होती, बल्कि जूते पहनने को आसान बनाने, उन्हें सुरक्षित रखने और कभी-कभी ब्रांड की पहचान दिखाने में भी अहम भूमिका निभाती है।













