न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

प्लेन क्रैश के बाद भी ब्लैक बॉक्स कैसे रहता है पूरी तरह सुरक्षित? जानिए इसके पीछे छिपी खास टेक्नोलॉजी और मजबूती का राज

जानिए क्यों किसी भी प्लेन क्रैश में ब्लैक बॉक्स नहीं होता नष्ट। किस खास तकनीक से इसे बनाया जाता है जिससे यह आग, पानी और झटकों को भी झेल सकता है।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Sun, 15 June 2025 12:29:06

 प्लेन क्रैश के बाद भी ब्लैक बॉक्स कैसे रहता है पूरी तरह सुरक्षित? जानिए इसके पीछे छिपी खास टेक्नोलॉजी और मजबूती का राज

जब भी किसी प्लेन का एक्सीडेंट होता है, तो अक्सर उसकी हालत इतनी बुरी होती है कि पूरा मलबा सिर्फ राख और मेटल का ढेर बनकर रह जाता है। हर तरफ तबाही का मंजर होता है। लेकिन हैरानी की बात ये होती है कि इतना बड़ा और भीषण हादसा होने के बावजूद ब्लैक बॉक्स, जिसे प्लेन का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है, अक्सर बिलकुल सेफ मिल जाता है। आखिर ऐसा कैसे होता है? क्या ये कोई जादू है या फिर बेहद खास टेक्नोलॉजी का कमाल? यहां हम आपको आसान और स्पष्ट शब्दों में, वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर समझाएंगे कि ऐसा कैसे संभव हो पाता है।

ब्लैक बॉक्स होता क्या है?

ब्लैक बॉक्स असल में दो जरूरी और संवेदनशील डिवाइस होते हैं, जो विमान की उड़ान से जुड़ी हर गतिविधि को रिकॉर्ड करते हैं:

CVR (Cockpit Voice Recorder): यह डिवाइस पायलट की आवाज, कॉकपिट में होने वाली बातचीत और अन्य साउंड रिकॉर्ड करता है ताकि क्रैश से पहले की घटनाओं को समझा जा सके।

FDR (Flight Data Recorder): यह विमान की स्पीड, ऊंचाई, इंजन की जानकारी और अन्य टेक्निकल डेटा सेव करता है, जो टेक्निकल जांच में बेहद उपयोगी होता है।

इन दोनों डिवाइस को एक यूनिट में मिलाकर ही ब्लैक बॉक्स कहा जाता है। यह प्लेन के पिछले हिस्से में लगाया जाता है क्योंकि किसी भी विमान दुर्घटना में वहां सबसे कम नुकसान होने की संभावना रहती है, जिससे इसकी सुरक्षा और ज्यादा सुनिश्चित होती है।

ब्लैक बॉक्स को क्यों नहीं होता नुकसान?

ब्लैक बॉक्स को बहुत ही खास इंजीनियरिंग और अत्याधुनिक तकनीकी पद्धति से तैयार किया जाता है ताकि वह किसी भी आपदा – चाहे आग हो, पानी हो या भयानक टक्कर – में डेटा सुरक्षित रख सके:

मजबूत मटेरियल से बना होता है: इसका बाहरी हिस्सा टाइटेनियम या स्टेनलेस स्टील जैसे बेहद मजबूत और टिकाऊ धातु से बना होता है, जिससे यह संरचना में बेहद मज़बूत होता है।

तेज आग में भी सुरक्षित रहता है: इसे 1100°C तक की आग में करीब 60 मिनट तक बिना प्रभावित हुए टिके रहने के लिए डिजाइन किया जाता है, ताकि क्रैश के दौरान लगी आग भी इसका डेटा न मिटा सके।

भारी दबाव और गहराई में भी सुरक्षित: यदि प्लेन समुद्र में गिर जाए, तब भी यह ब्लैक बॉक्स 20,000 फीट गहराई तक के पानी और दबाव को झेल सकता है।

इंटरनल प्रोटेक्शन लेयर: इसके अंदर की परतें – जैसे इंसुलेशन, थर्मल प्रोटेक्शन और शॉक एब्जॉर्बर – इसके अंदर रिकॉर्ड हुए डेटा को किसी भी टक्कर, तेज तापमान या झटके से बचाती हैं।

हादसे के बाद कैसे मिलता है ब्लैक बॉक्स?

ब्लैक बॉक्स में एक अंडरवॉटर लोकेटर बीकन (ULB) भी लगा होता है, जो पानी में गिरने पर हर सेकंड एक खास साउंड सिग्नल भेजता है। यह सिग्नल करीब 30 दिनों तक सक्रिय रहता है, जिससे सर्च टीम उसे ढूंढ़ सकती है और डाटा रिकवर किया जा सकता है।

क्यों होता है ब्लैक बॉक्स इतना जरूरी?

ब्लैक बॉक्स किसी भी विमान दुर्घटना की सबसे बड़ी और भरोसेमंद गवाही होता है। इसके अंदर मौजूद रिकॉर्डिंग और डेटा से यह पता चलता है कि आखिरी समय में विमान में क्या हुआ था — पायलट ने क्या कहा, कौन सी तकनीकी खराबी सामने आई, और किस कारण से हादसा हुआ। इससे जांच एजेंसियां सच्चाई तक पहुंचती हैं और भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाती हैं, जिससे एयर सेफ्टी को और मजबूत बनाया जा सके।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा की इच्छामृत्यु को दी अनुमति, लाइफ सपोर्ट हटाने के दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा की इच्छामृत्यु को दी अनुमति, लाइफ सपोर्ट हटाने के दिए निर्देश
गाजियाबाद में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़, फायरिंग के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार; 2 बदमाश घायल
गाजियाबाद में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़, फायरिंग के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार; 2 बदमाश घायल
सोना-चांदी की कीमतों में आई नरमी, जानिए महानगरों में क्या है आज Gold का ताजा हाजिर भाव
सोना-चांदी की कीमतों में आई नरमी, जानिए महानगरों में क्या है आज Gold का ताजा हाजिर भाव
ऐसी क्या मजबूरी थी कि माता-पिता ने बेटे की लंबी उम्र नहीं, उसकी मौत की दुआ मांगी? हरीश राणा की कहानी कर देगी भावुक
ऐसी क्या मजबूरी थी कि माता-पिता ने बेटे की लंबी उम्र नहीं, उसकी मौत की दुआ मांगी? हरीश राणा की कहानी कर देगी भावुक
सुबह उठते ही होने लगता है बदन दर्द, जबकि कोई मेहनत भी नहीं की? जानिए इसके छिपे कारण
सुबह उठते ही होने लगता है बदन दर्द, जबकि कोई मेहनत भी नहीं की? जानिए इसके छिपे कारण
शंकराचार्य लखनऊ पहुंचे, समर्थक वाराणसी में करेंगे शंखनाद, अस्सी घाट पर होगा जयघोष
शंकराचार्य लखनऊ पहुंचे, समर्थक वाराणसी में करेंगे शंखनाद, अस्सी घाट पर होगा जयघोष
‘पीएम मोदी ने सबसे बड़ी भूल की…’, अरविंद केजरीवाल का दावा, देश में 1 करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा
‘पीएम मोदी ने सबसे बड़ी भूल की…’, अरविंद केजरीवाल का दावा, देश में 1 करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा
वॉक, जॉगिंग या रनिंग: जल्दी वजन कम करने के लिए कौन सा तरीका सबसे ज्यादा असरदार है, जानिए इनके अलग-अलग फायदे
वॉक, जॉगिंग या रनिंग: जल्दी वजन कम करने के लिए कौन सा तरीका सबसे ज्यादा असरदार है, जानिए इनके अलग-अलग फायदे
 ‘द केरल स्टोरी 2’ का 12वां दिन धमाकेदार, ‘इक्कीस’ का रिकॉर्ड तोड़कर बनाई नई मिसाल
 ‘द केरल स्टोरी 2’ का 12वां दिन धमाकेदार, ‘इक्कीस’ का रिकॉर्ड तोड़कर बनाई नई मिसाल
भारत में लॉन्च हुए Xiaomi 17 और Xiaomi 17 Ultra, दमदार फीचर्स के साथ कीमत भी प्रीमियम
भारत में लॉन्च हुए Xiaomi 17 और Xiaomi 17 Ultra, दमदार फीचर्स के साथ कीमत भी प्रीमियम
Apple के फोल्डेबल iPhone को लेकर नया लीक, CAD रेंडर्स से सामने आया डिजाइन और कैमरा डिटेल
Apple के फोल्डेबल iPhone को लेकर नया लीक, CAD रेंडर्स से सामने आया डिजाइन और कैमरा डिटेल
LPG सिलेंडर में कितनी गैस बाकी है? इन आसान ट्रिक्स से मिनटों में लगाएं पता
LPG सिलेंडर में कितनी गैस बाकी है? इन आसान ट्रिक्स से मिनटों में लगाएं पता
चुकंदर का जूस हर किसी के लिए नहीं होता फायदेमंद, इन लोगों को सेवन से करना चाहिए परहेज
चुकंदर का जूस हर किसी के लिए नहीं होता फायदेमंद, इन लोगों को सेवन से करना चाहिए परहेज
हरीश राणा की इच्छामृत्यु पर फैसला सुनाते समय भावुक हुए जस्टिस पारदीवाला, बोले – अब हम ऐसे मोड़ पर हैं जहां निर्णय लेना जरूरी है
हरीश राणा की इच्छामृत्यु पर फैसला सुनाते समय भावुक हुए जस्टिस पारदीवाला, बोले – अब हम ऐसे मोड़ पर हैं जहां निर्णय लेना जरूरी है