
विश्वास करना मुश्किल है, लेकिन यह सच है कि चांदी (Silver) की कीमत अब प्रति किलो डेढ़ लाख रुपये के पार जा चुकी है। सोने (Gold) के लगातार महंगे होने के कारण लोग अब चांदी को निवेश और आभूषण के विकल्प के रूप में चुन रहे हैं। हालांकि अब ऐसा लगता है कि सोने और चांदी दोनों में जबरदस्त मुकाबला शुरू हो गया है, और दोनों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
करवाचौथ जैसे त्योहारों से ठीक पहले महिलाएं हर साल सोने और चांदी खरीदती हैं। लेकिन इस बार सोने के भाव इतने ऊँचे हैं कि सुनकर लोग हैरान रह गए हैं। हर रोज कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में चाहे त्योहार हो या शादी, बिना ज्वेलरी के त्योहार फीका सा लग सकता है।
चांदी का भाव 1.52 लाख के पार
करवाचौथ से दो दिन पहले सोने और चांदी दोनों की कीमतों ने नया उच्च स्तर छू लिया। IBJA के मुताबिक बुधवार को 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर ₹1,22,089 हो गया। वहीं चांदी की कीमत भी बढ़कर प्रति किलो ₹1,52,700 तक पहुँच गई।
केवल एक दिन में ही कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। मंगलवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,19,980 था, यानी 24 घंटे में सोने की कीमत में ₹2,109 की बढ़ोतरी हुई। वहीं चांदी की कीमत में मंगलवार के मुकाबले बुधवार को ₹3,262 की वृद्धि दर्ज की गई। मंगलवार को एक किलो चांदी की कीमत ₹1,49,438 थी।
साल 2025 में सोने का भाव 46 हजार रुपये बढ़ा
अक्टूबर महीने में अब तक सोने की कीमत में ₹6,000 और चांदी की कीमत में लगभग ₹8,000 की बढ़ोतरी हुई है। अगर आप करवाचौथ पर ज्वेलरी खरीदने जाएंगे, तो सोने की ज्वेलरी GST सहित प्रति 10 ग्राम ₹1,25,452 से ऊपर मिल सकती है। जबकि चांदी की कीमत GST सहित ₹1,55,306 प्रति किलो हो गई है।
इस साल अब तक सोने की कीमत लगभग ₹46,059 और चांदी का भाव ₹64,766 बढ़ चुका है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तेजी के पीछे कई कारण हैं — सुरक्षित निवेश की मांग, मुद्रास्फीति से बचाव की चाहत, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और इलेक्ट्रॉनिक्स व सौर पैनल उद्योगों में चांदी की बढ़ती खपत।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक फिर से सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसके अलावा, त्योहारी सीजन में घरेलू मांग में बढ़ोतरी होने के कारण सोना और चांदी दोनों के भावों को मजबूती मिल रही है।














