
BMC चुनाव में अकेले उतरने का संकेत दे चुकी कांग्रेस अब अपने सहयोगी दलों के निशाने पर है। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी में शामिल शिवसेना (UBT) ने बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार पर तीखा तंज कसा है। पार्टी के नेता आनंद दुबे ने कहा कि मुंबई में कांग्रेस शायद सिर्फ 2-4 सीटों पर सिमट जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी कांग्रेस को अपनी ताकत पर विश्वास होता है, वहां जाकर उसे हार का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व कांग्रेस सांसद हुसैन दलवाई के दिल्ली ब्लास्ट को लेकर दिए गए बयान पर भी आपत्ति जताई।
‘कभी-कभी कांग्रेस भूल जाती है अपनी सीमाएं’
एएनआई से बातचीत में दुबे ने कहा, “महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस अकेला राष्ट्रीय पक्ष है, इसलिए कभी-कभी उसे राष्ट्रीय पक्ष होने का सपना याद आ जाता है। बिहार में हाल ही में हुई हार को देखकर लगता है कि कांग्रेस अपनी वास्तविक स्थिति भूल गई है। कांग्रेस अक्सर अति आत्मविश्वास में बह जाती है। हरियाणा के चुनाव में हार, महाराष्ट्र में हार और अब बिहार में हार… देश में जहां कांग्रेस खुद को बहुत शक्तिशाली मानती है, वहां जाकर हार जाती है।”
उन्होंने आगे कहा, “महाराष्ट्र में तो जीतते हुए हार गई। इसका मुख्य कारण असमन्वय है। अब सुनने में आ रहा है कि महाराष्ट्र इकाई के कुछ नेता स्वतंत्र होने की बात कर रहे हैं। ‘आप जैसे चाहो लड़ो’, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।”
‘बीच समंदर में डूब सकते हैं कांग्रेस के नेता’
दुबे ने बताया, “महाराष्ट्र इकाई के नेता कभी-कभी बहुत उत्साहित हो जाते हैं और उन्हें यह अंदाजा नहीं होता कि उनकी नाव में छेद है। बीच समंदर में जाकर वे डूब सकते हैं। अगर हमारी नाव में बैठेंगे, तो नाव पार हो जाएगी। नहीं तो बीजेपी के तूफान और लहरों में कहां डूब जाएँगे, पता ही नहीं चलेगा। बड़े बुजुर्गों की सीख याद रखनी चाहिए—जब आंधी तूफान आए, तब सुरक्षित रहना चाहिए। कांग्रेस को यह समझना बाकी है।”
MNS के साथ गठबंधन के दावे पर सवाल
शिवसेना (UBT) नेता ने कांग्रेस के महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सोचती है कि MNS के आने से उत्तर भारतीय नाराज हो जाएंगे। लेकिन बिहार में ऐसा कुछ नहीं हुआ। महागठबंधन में आरजेडी के साथ रहने के बावजूद कांग्रेस सिर्फ 61 सीटों पर लड़ी और केवल 6 पर जीत पाई। मुंबई में भी स्थिति बेहतर नहीं होगी, शायद 2-4 सीटों तक सिमट जाए। फिर भी कांग्रेस खुद को स्वतंत्र पार्टी मानती है।”
बिहार चुनाव के परिणाम
हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने कुल 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल 6 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने 25 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की। एनडीए ने 200 से अधिक सीटें जीतकर बिहार में सरकार बनाने का दावा पेश किया।














