
दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए भीषण कार धमाके ने पूरे देश को दहला दिया। 13 लोगों की मौत और दो दर्जन से अधिक घायल—इस एक घटना ने आतंकवाद के एक नए रूप का पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि यह हमला किसी सामान्य गिरोह का नहीं, बल्कि एक शिक्षित ‘वाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा था। इस नेटवर्क के केंद्र में थीं लखनऊ की एक डॉक्टर — डॉ. शाहीन सईद, जिनकी गिरफ्तारी ने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है।
लखनऊ से लेकर दिल्ली तक गूंजी गिरफ्तारी की खबर
डॉ. शाहीन सईद, सैयद अहमद अंसारी की बेटी हैं। उनका लखनऊ के डालीगंज इलाके का घर अचानक चर्चा में आ गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि शाहीन का संपर्क पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला इकाई जमात-उल-मोमिनात से था, और वह भारत में इसके महिला भर्ती नेटवर्क को सक्रिय कर रही थीं।
2,900 किलो विस्फोटक और हथियार बरामद
एनआईए और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में फरीदाबाद से दो किराए के कमरों से करीब 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। ये कमरे अल-फलाह यूनिवर्सिटी के एक अन्य डॉक्टर, मुजम्मिल गनाई उर्फ मुसैब, के नाम पर किराए पर लिए गए थे। पुलिस के अनुसार, मुजम्मिल पुलवामा का रहने वाला है और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े वाइट कॉलर मॉड्यूल का अहम सदस्य था।
शाहीन की फरीदाबाद रजिस्टर्ड मारुति स्विफ्ट से असॉल्ट राइफल, पिस्तौल और गोला-बारूद भी बरामद हुआ। जांचकर्ताओं के मुताबिक, शाहीन को जैश प्रमुख मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर ने भारत में महिला विंग की जिम्मेदारी सौंपी थी।
परिवार के लिए ‘अविश्वसनीय आरोप’
लखनऊ स्थित घर पर पुलिस और एटीएस की टीम ने परिवार से पूछताछ की। उनके बड़े भाई मो. शोएब अंसारी ने बताया कि पिछले चार साल से बहन से कोई संपर्क नहीं था। उन्होंने कहा, “हमने चार साल से बात नहीं की। मां-पिता कभी-कभी उसका हाल पूछ लेते थे, लेकिन मेरा उससे कोई संपर्क नहीं था।”
वहीं पिता सैयद अहमद अंसारी का कहना था— “मुझे विश्वास नहीं होता कि मेरी बेटी किसी आतंकी संगठन से जुड़ी हो सकती है। वह इलाहाबाद में पढ़ी और बाद में फरीदाबाद में डॉक्टर बनी। उसकी शादी महाराष्ट्र के एक डॉक्टर से हुई थी, जो बाद में तलाक में खत्म हुई।”
पूर्व पति बोले – ‘शाहीन ने कभी बुर्का नहीं पहना’
कानपुर में क्राइम ब्रांच ने शाहीन के पूर्व पति डॉ. जफर हयात से पूछताछ की। उन्होंने कहा, “हमारी शादी 2003 में हुई थी और 2012 में तलाक हो गया। वह कभी कट्टर विचारों वाली नहीं थी। उसने सिर्फ शादी के वक्त बुर्का पहना था। बाद में वह आत्मनिर्भर, आधुनिक और पढ़ी-लिखी महिला थी।”
जफर ने यह भी बताया कि शाहीन ने कभी विदेश जाने की इच्छा जताई थी—“वह ऑस्ट्रेलिया या यूरोप में बसना चाहती थी, लेकिन मैंने मना कर दिया। वह हमेशा बच्चों और परिवार के करीब रहना चाहती थी।”
मेडिकल कॉलेज से गायब, फिर नौकरी से बर्खास्त
जांच में यह भी सामने आया कि 2013 में शाहीन अचानक कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से बिना सूचना गायब हो गईं, जिसके बाद 2021 में उन्हें औपचारिक रूप से बर्खास्त कर दिया गया। इसी दौरान वह फरीदाबाद पहुंचीं, जहां उनकी मुलाकात डॉ. मुजम्मिल गनाई से हुई — जो आगे चलकर उनके जीवन और सोच में बड़ा मोड़ साबित हुआ।
मुजम्मिल से मुलाकात के बाद शुरू हुआ ‘कट्टरता का सफर’
कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. मुजम्मिल भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में फैकल्टी सदस्य था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि दोनों के बीच व्यक्तिगत संबंध बने, जो बाद में आतंकी विचारधारा में तब्दील हो गए। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी दौरान शाहीन अन्य दो डॉक्टरों के संपर्क में आईं, जिन्हें अब विस्फोटक मामले में गिरफ्तार किया गया है।
जैश के पुनर्गठन का हिस्सा बताया जा रहा नेटवर्क
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जैश-ए-मोहम्मद के पुनर्गठन की रणनीति का हिस्सा है। उस ऑपरेशन में मसूद अजहर की बहन सादिया के पति यूसुफ अजहर समेत कई शीर्ष आतंकी मारे गए थे।
अक्टूबर 2024 में पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश ने आधिकारिक रूप से अपनी महिला इकाई जमात-उल-मोमिनात की घोषणा की थी। इसके बाद पाकिस्तान के कई शहरों — कराची, मुजफ्फराबाद, कोटली, हरीपुर और मंसेहरा — में महिला भर्तियों की खबरें आईं।
भारतीय जांच एजेंसियों का कहना है कि डॉ. शाहीन भारत में इसी मॉडल को दोहराने की कोशिश कर रही थीं, ताकि महिला वर्ग में कट्टरता फैलाकर नए आतंकी नेटवर्क तैयार किए जा सकें।
जांच जारी – और भी खुल सकते हैं कई राज
एनआईए और एटीएस फिलहाल शाहीन सईद और उसके सहयोगियों के डिजिटल डेटा, विदेशी संपर्क और बैंकिंग रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मॉड्यूल के और भी सदस्यों की गिरफ्तारी संभव है। यह केस अब सिर्फ एक धमाके की जांच नहीं रहा—यह भारत में आतंकवाद के एक नए और खतरनाक चेहरे की पहचान बन चुका है।














