मुंबई के प्रतिष्ठित केईएम अस्पताल की अंतिम वर्ष की मेडिकल छात्रा और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, सेजल पवार ने आखिरकार विवादित स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान पुरुषों के शवों पर की गई अपनी अमर्यादित टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की है। चौतरफा आलोचनाओं से घिरने के बाद, सेजल ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा कर इस कृत्य पर गहरा दुख व्यक्त किया। इस बड़े विवाद के बाद उन्होंने अपने डिजिटल फुटप्रिंट्स को भी समेट लिया है; उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट का बायो हटा दिया है और अपनी फॉलोइंग लिस्ट को पूरी तरह से शून्य (अनफॉलो) कर दिया है।
अपनी सफाई में सेजल ने तर्क दिया कि यह मंच पर उनका पहला अनुभव था, और उन्हें इस बात का कतई आभास नहीं था कि महीनों पहले कही गई कोई बात इस तरह का गंभीर संकट खड़ा कर देगी।
माफीनामे के वीडियो में क्या कहा
"हैलो एवरीवन, 3 महीने पहले मैंने शो किया था उसका एक पार्ट ऑफ द क्लिप वायरल हो रहा है जिसमें मैंने एक चीज बोली थी। इसके लिए मैं माफी मांगती है। यह काफी गलत था। काफी गलत चीज बोली। ऐसा बोलने का मेरा कोई इरादा नहीं था। कभी नहीं सोचा था कि मैं वो चीज बोलूंगी। शुरुआत में मैंने यह दो बार बोला था कि हम उनका (डेड बॉडी) बहुत रिस्पेक्ट करते हैं। यह मेरा पहला कॉमेडी शो था। इसके पहले कभी स्टैंड अप शो में नहीं गई थी एंड मुझे यह बिल्कुल आईडिया नहीं था कि 2 महीने पहले की क्लिप अभी आज उसमें से एक पार्ट लेके ऐसा कुछ बड़ा इशू हो जाएगा। मैं कोई सफाई नहीं दे रही हूं। सिर्फ माफी मांग रही हूं। इसे गलत जगह नहीं लेके जा रही हूं। मेरी तरफ से ऐसा फिर से कभी नहीं होगा। मैं यह सुनिश्चित कर रही हूं। '
आगे उन्होंने कहा, 'मैं बहुत नाइव थी यार लाइक मुझे ना समझ में नहीं आया था मतलब मैं जब इनिशियली ये सब वो जो आप पूरा देखो वो पूरा जो सेगमेंट है वीडियो का उसमें मैंने एंड में गाना भी गाया था। काफी कुछ हुआ था। उसमें से बस वो एक पार्ट एक जिम्मेदार व्यक्ति होने के चलते मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था। इसका मुझे पछतावा है। मैं वादा करती हूं ऐसा फिर से नहीं होगा। मैं कभी नहीं चाहती कि आप मुझे ऐसा देखो।'
प्रशासनिक कार्रवाई: केईएम अस्पताल ने बैठाई जांच, साइबर पुलिस ने कसा शिकंजा
इस संवेदनशील मामले के तूल पकड़ते ही किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल प्रशासन ने त्वरित रुख अपनाते हुए आंतरिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रबंधन ने जांच समिति को शुक्रवार तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा दी है। इसके अतिरिक्त, कानूनी मोर्चे पर भी सेजल की मुश्किलें बढ़ गई हैं; महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और उन्हें पूछताछ के लिए समन भी तामील कर दिया गया है।
क्या है पूरा घटनाक्रम जिसने खड़ा किया यह विवाद?
यह पूरा विवाद स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के उस शो से शुरू हुआ, जो '370 रुपये की बिरयानी' वाले वीडियो के बाद चर्चा में आया था। पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर इस शो का एक और हिस्सा तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो में, सेजल पवार दर्शकों के साथ संवाद (क्राउड वर्क) के दौरान पुरुषों के शवों (कैडेवर) के निजी अंगों के आकार को लेकर एक बेहद आपत्तिजनक और अश्लील मजाक करती नजर आ रही हैं। इस बातचीत को बिना किसी कांट-छांट या सेंसर के सोशल मीडिया पर रील के रूप में अपलोड कर दिया गया, जिसके बाद देशव्यापी आक्रोश भड़क उठा।
वायरल क्लिप में सेजल यह दावा करती दिख रही हैं कि मेडिकल की पढ़ाई और विच्छेदन (डिसेक्शन) के दौरान वे और उनके सहपाठी, कॉलेज में चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के अंगों का उपहास उड़ाते थे और उनकी आपस में तुलना करते थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद चिकित्सा जगत और आम जनता में भारी रोष है। बड़ी संख्या में डॉक्टरों, चिकित्सा संघों और नागरिकों ने उनके इस व्यवहार को अनैतिक बताते हुए उनके मेडिकल लाइसेंस को हमेशा के लिए रद्द करने की पुरजोर मांग की है।














