भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा सोना बेचकर विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा देने की खबरों को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब सरकार ने पूरी तरह स्थिति स्पष्ट कर दी है। हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को स्थिर रखने के लिए आरबीआई ने अपने स्वर्ण भंडार का एक हिस्सा बेच दिया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह खबर तेजी से फैल गई और सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स तक इस पर व्यापक बहस शुरू हो गई। हालांकि अब केंद्र सरकार ने इन सभी दावों को स्पष्ट रूप से गलत बताया है और आधिकारिक रूप से इनका खंडन किया है।
सरकारी सूचना एजेंसी PIB के फैक्ट चेक विंग ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आरबीआई द्वारा सोना बेचने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है। PIB के अनुसार, जिन रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों को संतुलित रखने के लिए भारत के स्वर्ण भंडार का उपयोग किया गया है, वे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। सरकार ने साफ किया है कि ऐसी कोई बिक्री नहीं हुई है और न ही विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए स्वर्ण भंडार में कोई कटौती की गई है।
यह स्पष्टिकरण उस अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के प्रकाशित होने के एक दिन बाद सामने आया, जिसमें अनुमान लगाया गया था कि आरबीआई ने स्वर्ण भंडार का कुछ हिस्सा बेच दिया है। उस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच विदेशी मुद्रा भंडार में संभावित गिरावट को रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है। हालांकि सरकार ने इन सभी अटकलों को आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि स्थिति वैसी नहीं है जैसी रिपोर्ट में प्रस्तुत की गई थी।
A news report published by @Bloomberg states that RBI may have sold gold amounting to approximately USD 12 billion.#PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 3, 2026
❌ This claim is FAKE
✔️ According to @RBI, the share of gold in India's foreign exchange reserves rose from 13.92% at end-September 2025 to 16.70%… pic.twitter.com/eVjxPxEv1i
विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी घटने के बजाय बढ़ी है
केंद्र सरकार ने इस पूरी बहस पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी कम नहीं हुई है, बल्कि इसमें लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत के फॉरेक्स रिजर्व में स्वर्ण का हिस्सा सितंबर 2025 के अंत में 13.92 प्रतिशत था, जो बढ़कर 31 मार्च 2026 तक 16.70 प्रतिशत हो गया। इसके बाद 22 मई 2026 तक इसमें और बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 16.85 प्रतिशत तक पहुंच गया। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि सोने के भंडार में किसी प्रकार की कमी नहीं हुई है, बल्कि इसका योगदान और मजबूत हुआ है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी इस मामले पर अलग से बयान जारी करते हुए कहा है कि देश का स्वर्ण भंडार पूरी तरह सुरक्षित और अपरिवर्तित है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि सोने की किसी भी प्रकार की बिक्री नहीं की गई है और न ही विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर रखने के लिए स्वर्ण भंडार का उपयोग किया गया है। इस तरह सरकार और आरबीआई दोनों ने मिलकर उन सभी दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें सोना बेचे जाने की बात कही जा रही थी।













