
रंगों के पर्व होली के करीब आते ही दिल्ली-एनसीआर से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड की ओर जाने वाली ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। अधिकांश नियमित ट्रेनों की सीटें पहले ही भर चुकी हैं और वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है। ऐसे हालात में यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए उत्तर रेलवे ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार होली के अवसर पर 300 से ज्यादा विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई गई है, ताकि लोग बिना ज्यादा दिक्कत के अपने घर पहुंच सकें।
28 फरवरी से बढ़ेगी भीड़, रेलवे अलर्ट
इस साल 4 मार्च को होली मनाई जाएगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि 28 फरवरी से ही यात्रियों का दबाव तेजी से बढ़ने लगेगा, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग त्योहार से पहले अपने गृह राज्यों के लिए रवाना होंगे। बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए उत्तर रेलवे ने अलग-अलग स्टेशनों से करीब 300 होली स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी की है। इनमें आनंद विहार, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन जैसे प्रमुख स्टेशनों से सबसे ज्यादा ट्रेनें चलाई जाएंगी, जहां हर साल भारी भीड़ उमड़ती है।
पिछले साल की तुलना में अधिक इंतजाम
रेलवे सूत्रों के अनुसार, बीते वर्ष होली के दौरान लगभग 250 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया था। इस बार यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रेनों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। फिलहाल लगभग 100 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा हो चुकी है, जबकि शेष ट्रेनों का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि किसी खास रूट पर अतिरिक्त दबाव दिखाई देता है, तो वहां अनारक्षित विशेष ट्रेनें भी चलाई जाएंगी, ताकि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर खास ध्यान
पिछले साल फरवरी में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है। दिल्ली के तीनों प्रमुख स्टेशनों पर एंबुलेंस और डॉक्टरों की विशेष तैनाती रहेगी। किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही रेलवे अस्पताल में 30 बेड आरक्षित रखे जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत भर्ती कर इलाज दिया जा सके।
त्योहार पर घर जाना होगा आसान
रेलवे की इन तैयारियों से उम्मीद है कि होली के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से वेटिंग लिस्ट में कमी आएगी और भीड़भाड़ की समस्या भी काफी हद तक कम होगी। इससे लाखों यात्रियों का सफर ज्यादा सुगम और सुरक्षित बन सकेगा, और वे त्योहार का आनंद अपने परिवार के साथ बिना तनाव के मना पाएंगे।














