राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए टपूकड़ा तहसील की एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी पटवारी पर आरोप है कि वह जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पूरी करने के बदले 5000 रुपये की रिश्वत मांग रही थी, जिसे लेते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला
मामले की शुरुआत अलवर स्थित एसीबी चौकी पर दर्ज एक शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पिता के निधन के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने और जमीन का इंतकाल (Mutation) अपडेट करवाने के लिए हल्का सांथलका की पटवारी आशा देवी द्वारा कुल 30,000 रुपये की मांग की जा रही थी।
परिवार का कहना था कि बिना रिश्वत दिए काम आगे नहीं बढ़ाया जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने एसीबी से संपर्क किया।
जांच में सामने आया रिश्वत का खेल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 25 मई 2026 को मामले की प्रारंभिक जांच और सत्यापन किया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी पटवारी पहले ही 10,000 रुपये एडवांस के तौर पर ले चुकी थी और बाकी काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त 5000 रुपये की मांग कर रही थी।
इस पुष्टि के बाद पूरे मामले को ट्रैप ऑपरेशन में बदलने का निर्णय लिया गया।
ACB ने ऐसे बिछाया जाल
डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में अलवर प्रथम एसीबी यूनिट के डीएसपी शब्बीर खान की टीम ने पूरी रणनीति तैयार की। योजना के अनुसार 4 जून को जैसे ही शिकायतकर्ता ने पटवारी आशा देवी को 5000 रुपये नकद सौंपे, एसीबी की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान रिश्वत की रकम भी पटवारी के बैग से बरामद कर ली गई, जिससे आरोप और मजबूत हो गए।
पूछताछ और कानूनी कार्रवाई जारी
फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी महिला पटवारी को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।














