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पर्यटकों की पहली पसंद है गुजरात के ये पर्यटन स्थल, सैर-सपाटे के लिए जरूर जाएं

गुजरात भारत का एक ऐसा राज्य है जिसे ज्यादातर व्यापारिक केन्द्र के रूप में जाना जाता है, विशेष रूप से गुजरात का अहमदाबाद अपने कपड़े के चलते जग प्रसिद्ध है।

Posts by : Geeta | Updated on: Tue, 02 May 2023 1:50:25

पर्यटकों की पहली पसंद है गुजरात के ये पर्यटन स्थल,  सैर-सपाटे के लिए जरूर जाएं

गुजरात भारत का एक ऐसा राज्य है जिसे ज्यादातर व्यापारिक केन्द्र के रूप में जाना जाता है, विशेष रूप से गुजरात का अहमदाबाद अपने कपड़े के चलते जग प्रसिद्ध है। अपनी व्यापारिक गतिविधियों के इतर गुजरात अपने पर्यटक स्थलों के लेकर भी खासा चर्चित और प्रसिद्ध है। गुजरात को देखने के लिए न सिर्फ विदेशी अपितु देसी मेहमान भी बहुत ज्यादा तादाद में आते हैं। अपनी सांस्कृतिक विविधता, खानपान, इतिहास, सभ्यता आदि के चलते गुजरात सैलानियों की पसंदीदा जगहों में से एक है। अगर आप भारत दर्शन करना चाहते हैं तो आपको गुजरात जरूर आना चाहिए क्योंकि यहां भारत और भारत की संस्कृति का असली रूप देखने को मिलता है। नवरात्र के दौरान यहां का नजारा और भी खूबसूरत होता है। आइए डालते हैं गुजरात की कुछ ऐसी विशेष जगहों पर नजर जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं और इन्हें देखे बिना गुजरात का पर्यटन अधूरा लगता है।

विल्सन हिल्स

गुजरात का एक हिल स्टेशन है। यह धरमपुर तालुका के पास है और वलसाड सूरत का निकटतम हिल स्टेशन भी है। विल्सन हिल्स पंगारबाड़ी वन्यजीव अभयारण्य के करीब घने जंगलों वाले क्षेत्र में स्थित है। यह दुनिया के उन चुनिंदा हिल स्टेशनों में से एक है जहाँ से समुद्र की झलक देखी जा सकती है। इसकी औसत ऊंचाई 750 मीटर (2500 फीट) है। विल्सन हिल्स गर्मी के महीनों के दौरान लोकप्रिय हैं क्योंकि यह आसपास के क्षेत्र की तुलना में ठंडा और कम आद्र्र जलवायु का आनंद लेता है।

इतिहास

विल्सन हिल्स का नाम धरमपुर के अंतिम राजा विजय देवजी द्वारा 1923 से 1928 तक मुंबई के गवर्नर लॉर्ड विल्सन की स्मृति में रखा गया था। लॉर्ड विल्सन और राजा विजय देवजी ने इस क्षेत्र को एक हिल स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी, लेकिन यह परियोजना विफल रही। शिखर पर उनकी स्मृति का एक स्मारक बना हुआ है।

विल्सन हिल्स 20.51442 °N 73.218813 °E पर स्थित है, सूरत से लगभग 130 किमी, नवसारी से 80 किमी और वलसाड से 60 किमी दूर है। यह धरमपुर शहर से एक टार रोड से जुड़ा हुआ है, जो पहाडिय़ों के आधार पर 29 किमी (18 मील) दूर है।

विल्सल हिल्स की कस्बों और शहरों से दूरी—धरमपुर, भारत - 25 कि.मी, चिखली, गुजरात - 55 किमी, सापुतारा - 120 किमी, वापी - 62 किमी, वलसाड - 55 कि.मी, नवसारी - 81 किमी, सूरत - 126 किमी, मुंबई - 250 किमी, बारूमल - 18 किमी, नासिक - 145 किमी, नानापोंधा - 41 कि.मी और अहमदाबाद - 485 किमी दूरी पर स्थित है।

विल्सन हिल पर देखने लायक 6 हैं—

1. मार्बल छतरी पॉइंट
2. खड़ी घाटी बिंदु
3. ओजोन वैली पॉइंट
4. सनराइज पॉइंट
5. सूर्यास्त बिंदु
6. शंकर जलप्रपात बिंदु

इन स्थानों के अतिरिक्त विल्सन हिल्स के आसपास बारूमल मंदिर, लेडी विल्सन संग्रहालय, जिला विज्ञान केंद्र, जलाराम धाम फलाधारा, बिलपुडी जुड़वां झरने, गणेश जलप्रपात मकड़बन, खोबा झरने, यू टर्न प्वाइंट, खडक़ी आदि भी हैं जिन्हें विल्सन हिल्स को देखते हुए आप जरूर देखना पसन्द करेंगे।

पावागढ़ पहाड़ी

पावागढ़ पहाड़ी, पंचमहल जिले, गुजरात, पश्चिमी भारत में एक मैदान के भीतर स्थित है। लगभग 500 मिलियन वर्ष पहले इस क्षेत्र में एक ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था और पावागढ़ की व्युत्पत्ति इस विस्फोट से जुड़ी हुई है—पाव-गढ़ का अर्थ है एक चौथाई पहाड़ी या अग्नि-पहाड़ी। इसके आधार पर चंपानेर का ऐतिहासिक शहर है, जबकि पावागढ़ का हिल स्टेशन ज्वालामुखी शंकु पर ही बनाया गया था। चंपानेर के साथ, पावागढ़ पहाड़ी चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व पार्क बनाती है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है जो 1,329 हेक्टेयर (3,280 एकड़) से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। अपने किलों के लिए जाना जाता है, पहाड़ी पर दर्जनों विरासत संरचनाएं भी हैं। साइट वड़ोदरा से 50 किलोमीटर (31 मील) पूर्व और गोधरा से 68 किलोमीटर (42 मील) दक्षिण में है।

पावागढ़ गठन के आसपास आस्था आधारित किंवदंती प्रचलित है। माना जाता है कि सती का दाहिना पैर पावागढ़ में गिरा था, इस प्रकार एक गहरी घाटी और भगवान ने बाद में इस गहरी घाटी को भरने के लिए ऋषि विश्वामित्र के अनुरोध के अनुसार एक बड़ी पहाड़ी भेजी कि ऋषि की पवित्र गायें इसमें न गिरें। पावागढ़ में कालिका माता मंदिर भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे पवित्र शक्तिपीठों में से एक है।

तीथल बीच

पहले तो यह जिस जगह पर है उसके बारे में बहुत कम लोगों को पता होगा। तीथल बीच गुजरात के वलसाड शहर में है। इस शहर में बहुत सारे बीच हैं जिसमें सबसे खूबसूरत बीच यही है। यहाँ वीकेंड पर बहुत भीड़ होती है। ऐसा लगता है पूरा वलसाड ही यहाँ आ गया है। आपको इस जगह की असली खूबसूरती देखनी है तो वीकेंड को छोडकऱ बाकी दिनों में आइए। जब यहाँ लोगों का तांता नहीं होगा। अहमदाबाद से वलसाड की दूरी 336 किमी है।

तीथल बीच के निकट देखने लायक चीजें

समुद्र के किनारे स्थित श्री स्वामी नारायण मंदिर और साईं बाबा मंदिर बहुत ही फेमस है। श्री स्वामी नारायण मंदिर बहुत ही बड़ा और देखने में बहुत सुन्दर है रात को ये मंदिर देखने में और खूबसूरत लगता है। स्वामी नारायण मंदिर में पत्थरों पर सुन्दर नक्कासी की गयी है जिसको देखने दूर-दूर से पर्यटक आते हैं वहीं अगर साईं बाबा मंदिर की बात करें तो ये भी देखने में काफी सुन्दर है।

पहुँचने का सही समय

तिथल बीच घूमने के लिए मार्च से अक्टूबर तक का समय सबसे अच्छा होता है।

कैसे पहुंचे

तिथल बीच पर हवाई, रेलवे और सडक़ तीनो मार्ग से पहुँचने की अच्छी सुविधा है। एनएच -8 द्वारा वलसाड तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

सडक़ मार्ग - वलसाड शहर पश्चिम में बीच से 6 किमी दूर है। आप एनएच-8 मार्ग द्वारा वलसाड शहर पहुँच सकते हैं और वहां से राज्य सडक़ परिवहन की बसों द्वारा तीथल बीच के लिए जा सकते हो।

रेल द्वारा - वलसाड शहर, गुजरात के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशन से अच्छी तरह जुड़ा है। आप रेलवे स्टेशन पर आकर वहां से रिक्शा करके तीथल बीच पहुँच सकते हो।

हवाई मार्ग - निकटतम हवाई अड्डा सूरत हवाई अड्डा है जो की एक राष्ट्रीय हवाई अड्डा है और भारत से प्रमुख राज्यों से यहाँ के लिए उड़ानें उपलब्ध रहती है।

अहमदपुर मांडवी बीच

यह बीच गुजरात के सबसे बेहतरीन समुद्र तटों में से एक है। यहाँ आप समुद्र की लहरों की अठखेलियाँ देख सकते हैं, समुद्र के पीछे डूबते सूरज को देख सकते हैं। इसके अलावा इस बीच पर घोड़े की सवारी का मजा लिया जा सकता है और कई बैकवाटर स्पोटर््स किए जा सकते हैं। यकीन मानिए ये बीच आपको कई बेहतरीन यादें समेटने का मौका देगा।

अहमदपुर-मांडवी, गुजरात के समुद्र तट पर, भारत के बेहतरीन समुद्र तटों में से एक है। जूनागढ़ जिले का एक हिस्सा, यह जगह रेल और सडक़ नेटवर्क से क्षेत्र के अन्य स्थानों से अच्छी तरह से जुड़ी हुई है। अहमदपुर-मांडवी पश्चिमी भारतीय राज्य गुजरात में अहमदाबाद से लगभग 288 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहाँ खुद की गाड़ी से जा सकते हैं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जा सकते हैं या फिर ट्रेन से जा सकते हैं।

इस जगह का दौरा साल भर किया जा सकता है, लेकिन इस क्षेत्र में उद्यम करने के लिए सर्दियों का समय सबसे अच्छा है। आदर्श महीने अक्टूबर से मार्च हैं। हालांकि जलवायु कभी भी कठोर नहीं होती है, यह 20 -28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहता है, जो इसे देखने का सबसे अच्छा समय है।

पर्यटकों के आकर्षण

समुद्र तट सफेद और दृढ़ है, सैर के लिए आदर्श है, और पानी तैराकी के लिए एकदम सही है। वाटर स्कूटींग, स्कीइंग, सर्फिंग, पैरा सेलिंग, और स्पीड बोटिंग में विभिन्न प्रकार के जल क्रीड़ा विकल्प उपलब्ध हैं।

निजी समुद्र तट - कुछ कॉटेज रिसॉर्ट मेहमानों के लिए निजी समुद्र तट प्रदान करते हैं। अन्य सुविधाओं में वातानुकूलित कमरे, सुखद लॉन और पाम ग्रूव्स शामिल हैं।

सापुतारा

सापुतारा गुजरात प्रांत में स्थित एक छोटा सा हिल स्टेशन है जो वेस्टर्न घाट पर मौजूद है। सापुतारा प्रकृति के सौंदर्य दर्शन के लिए जाना जाता है। यहां हरे-भरे जंगल, ऊंचे-ऊंचे पहाड़, निर्मल धारा में बहते झरने और कई मनोरम दृश्य लोगों के दिलों में बस जाते हैं। कहा जाता है कि सापुतारा सांपों का निवास स्थान है। यहां पर रहने वाली जातियां होली जैसे शुभ पर्व पर सांपों की पूजा करते हैं। अगर आप ट्रैकिंग पर जाना चाहते हैं तो सापुतारा आपके लिए बेस्ट जगह है।

गुजरात का सापुतारा हिल स्टेशन अपने लुभावने मौसम के लिए काफी फेमस है। सैलानी यहां पर अगस्त से सितंबर के बीच काफी पहुंचते हैं। इस हिल स्टेशन के बारे में यह भी कहा जाता है कि भगवान राम ने अपने वनवास काल में से 11 साल यहाँ बिताए थे। सापुतारा में मानसून फेस्टिवल होता है, जिसमें गुजरात की संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। इसके अलावा बारिश में इस हिल स्टेशन की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। यहां पर आप झरनों के अलावा हॉर्स राइडिंग, कैमल राइडिंग, रॉक क्लाइम्बिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

सापुतारा में आप इको पॉइंट, गंधर्वपुर आर्टिस्ट गांव, गीरा फॉल्स, नागेश्वर महादेव मंदिर, रोज गार्डन, सापुतारा लेक, सापुतारा ट्राइबल म्यूजियम, स्टेप गार्डन, सनराइज पॉइंट, सनसेट पॉइंट और नेशनल पार्क जैसी बेहतरीन जगहों पर सुकूव के पल बिता सकते हैं।

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