
राजस्थान में बजरी माफिया का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है और अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि सरकारी ड्यूटी निभा रहे वनकर्मियों की जान भी सुरक्षित नहीं रह गई है। कानून का डर मानो खत्म हो चुका है। खुलेआम सड़क पर लोगों को कुचल देने से भी ये माफिया पीछे नहीं हट रहे। 7 जनवरी को धौलपुर जिले में जो कुछ हुआ, उसने पूरे सिस्टम को झकझोर कर रख दिया। बजरी माफिया के हमले में गंभीर रूप से घायल वनकर्मी जितेंद्र सिंह शेखावत इस समय जयपुर के अपैक्स हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और हर पल चुनौतीपूर्ण है।
तबीयत नासाज होने के बावजूद निभा रहे थे फर्ज
एनडीटीवी की खबर के अनुसार रेंजर देवेंद्र सिंह चौहान ने घटना की पूरी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि बुधवार रात जितेंद्र सिंह की तबीयत ठीक नहीं थी। कमजोरी और असहजता के बावजूद वे ड्यूटी को प्राथमिकता दे रहे थे। रात करीब 12 बजे वे दवा लेने के लिए गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर पैदल निकल पड़े। तभी रास्ते में बजरी से लदी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। यह हमला इतना अचानक और बेरहमी से किया गया कि जितेंद्र को संभलने या बचने का कोई मौका नहीं मिला। ट्रैक्टर का भारी पहिया उनकी जांघ के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनके शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह कुचल गया।
खून से लथपथ हो गई वर्दी, मंजर देख कांप उठे साथी
घटना की सूचना मिलते ही वनकर्मी नरेश वर्मा, जगदीश और घनश्याम मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। जितेंद्र सड़क पर बेसुध पड़े थे और उनका शरीर खून से पूरी तरह भीगा हुआ था। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी खाकी वर्दी का रंग तक काला पड़ चुका था। तत्काल उन्हें सरमथुरा से करौली के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें आगे रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें करौली से जयपुर के एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया, फिर अपोलो हॉस्पिटल और अंततः अपैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। फिलहाल यहीं उनका इलाज चल रहा है और डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपियों की तलाश तेज
मामले को लेकर सरमथुरा थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार रात बजरी माफिया द्वारा वन विभाग के कर्मचारी जितेंद्र सिंह शेखावत को जानबूझकर टक्कर मारी गई। उन्होंने कहा कि घायल वनकर्मी का इलाज जयपुर के एक निजी अस्पताल में जारी है। इस संबंध में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।














