
आजकल लोग वजन कम करने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाते हैं या घर पर ही भारी-भरकम एक्सरसाइज करने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अधिक वर्कआउट हमेशा लाभकारी नहीं होता? जरूरत से ज्यादा मेहनत आपके शरीर को थका सकती है और सेहत पर विपरीत असर डाल सकती है। अगर आप वजन घटाने की प्रक्रिया में ओवर-वर्कआउट कर रहे हैं, तो इसका प्रभाव आपके दिल, हड्डियों और मांसपेशियों पर भी पड़ सकता है। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि रोजाना कितना वर्कआउट करना सही है।
वजन कम करने के लिए कितनी एक्सरसाइज पर्याप्त है?
फिटनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आपका मुख्य लक्ष्य सिर्फ वजन कम करना है, तो रोजाना 30 से 45 मिनट की एक्सरसाइज पर्याप्त होती है। इसमें कार्डियो, स्ट्रेचिंग और हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शामिल हो सकती है। शुरुआती लोगों के लिए रोज 20-30 मिनट की वॉक या योग भी काफी है।
कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का संतुलन
सिर्फ कार्डियो (जैसे दौड़ना, जॉगिंग, साइकलिंग) करने से वजन घट सकता है, लेकिन मांसपेशियों में ढीलापन आ सकता है। वहीं केवल वेट ट्रेनिंग करने से फैट बर्न कम होगा। इसलिए हफ्ते में 4 दिन कार्डियो और 2 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का मिश्रण सबसे प्रभावी माना जाता है।
डाइट और वर्कआउट का तालमेल
वर्कआउट से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना। यदि आप लंबे समय तक एक्सरसाइज करते हैं लेकिन जंक फूड, शुगर और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, तो वजन घटाना मुश्किल हो जाएगा और मांसपेशियों की रिकवरी भी सही नहीं होगी। सही डाइट न केवल वजन घटाने में मदद करती है, बल्कि आपके शरीर की ऊर्जा, मेटाबॉलिज़्म और इम्यूनिटी को भी बेहतर बनाती है।
सही डाइट के लिए सुझाव:
प्रोटीन युक्त आहार: दाल, अंडा, पनीर, चिकन या मछली आपके मसल्स को मजबूत बनाते हैं और रिकवरी में मदद करते हैं।
फाइबर से भरपूर सब्जियां और फल: पाचन को सही रखते हैं और लंबे समय तक भूख को नियंत्रित करते हैं।
हाइड्रेशन: पर्याप्त पानी पीना जरूरी है ताकि शरीर डिटॉक्स हो और मांसपेशियां सही तरीके से काम करें।
हेल्दी फैट्स: एवोकाडो, अलसी के बीज, अखरोट और मूंगफली जैसे हेल्दी फैट्स हार्मोन बैलेंस में मदद करते हैं और दिल को स्वस्थ रखते हैं।
कार्बोहाइड्रेट का संतुलन: पूरी अनाज वाली रोटी, ब्राउन राइस, ओट्स जैसे कार्ब्स ऊर्जा प्रदान करते हैं, लेकिन इनका सेवन नियंत्रित मात्रा में करना चाहिए।
इन आदतों का पालन करने से आपके वर्कआउट का असर दोगुना हो जाता है और फिटनेस लक्ष्य को जल्दी और सुरक्षित तरीके से हासिल किया जा सकता है।
ओवर-वर्कआउट के खतरे:
लगातार अत्यधिक एक्सरसाइज से शरीर थक जाता है और कमजोरी बढ़ती है।
मांसपेशियों में लगातार दर्द और अकड़न होती है।
नींद में कमी और आराम न मिलना।
हार्मोनल असंतुलन, जो वजन घटाने और मेटाबॉलिज़्म पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
लंबे समय तक अत्यधिक वर्कआउट करने से इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए वजन कम करने और फिट रहने के लिए संतुलित वर्कआउट और सही डाइट का संयोजन ही सबसे कारगर उपाय है। रोजाना 30 से 45 मिनट की एक्सरसाइज पर्याप्त है। जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करने से न केवल वजन तेजी से कम नहीं होगा, बल्कि आपकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














