न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

‘दुर्गा बनो, काली बनो, पर बुर्का मत अपनाओ’,ग्वालियर में युवतियों से हाथ जोड़कर अपील करते नजर आए धीरेंद्र शास्त्री

ग्वालियर के डबरा में नवग्रह शक्ति पीठ प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवतियों से ‘दुर्गा बनो, काली बनो’ की अपील की। उनके बयान पर कार्यक्रम में चर्चा तेज हो गई। जानिए पूरा मामला और क्या कहा प्रवचन में।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 19 Feb 2026 2:57:34

‘दुर्गा बनो, काली बनो, पर बुर्का मत अपनाओ’,ग्वालियर में युवतियों से हाथ जोड़कर अपील करते नजर आए धीरेंद्र शास्त्री

मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में आयोजित नवग्रह शक्ति पीठ प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन में ऐसा वक्तव्य दिया, जिसने कार्यक्रम स्थल से बाहर भी चर्चा को जन्म दे दिया। तीन दिवसीय कथा के दूसरे दिन उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, खासकर युवतियों और बच्चों को संबोधित करते हुए जीवन मूल्यों, चरित्र और संगति पर विस्तार से बात की।

कथा के बीच उन्होंने हाथ जोड़कर युवतियों से आग्रह किया कि वे स्वयं को शक्ति का प्रतीक बनाएं। उन्होंने कहा कि लड़कियां दुर्गा और काली जैसी निर्भीक और सशक्त बनें, लेकिन कभी “बुर्के वाली” न बनें। उनके इस कथन के बाद पंडाल में मौजूद लोगों के बीच हलचल और आपसी चर्चा भी देखने को मिली। कुछ लोगों ने इसे आत्मबल और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा, तो कुछ ने इसे विवादित टिप्पणी के रूप में देखा।

युवावस्था को बताया निर्णायक दौर

अपने प्रवचन में उन्होंने 18 से 25 वर्ष की आयु को जीवन का सबसे संवेदनशील और निर्णायक चरण बताया। उनके अनुसार, यही वह समय है जब व्यक्ति का भविष्य आकार लेता है। यदि इस उम्र में युवा सही दिशा पकड़ ले, तो जीवनभर स्थिर रह सकता है; लेकिन अगर इसी दौर में वह भटक जाए, तो राह पर लौटना कठिन हो जाता है। उन्होंने युवाओं से आत्मसंयम और सजगता बरतने की अपील की।

आत्मनिर्भरता और संस्कारों पर जोर

युवतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें आत्मविश्वासी, साहसी और आत्मनिर्भर बनना चाहिए। उनके शब्दों में, नारी को शक्ति स्वरूपा के रूप में अपनी पहचान बनानी चाहिए। हालांकि “दुर्गा बनो, काली बनो” वाली उनकी पंक्ति के साथ जो टिप्पणी जुड़ी, उसने कार्यक्रम को सुर्खियों में ला दिया।

बच्चों को दी पारिवारिक मूल्यों की सीख

धीरेंद्र शास्त्री ने बच्चों और किशोरों को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चाहे वे किसी को मानें या न मानें, लेकिन अपने माता-पिता का सम्मान और उनकी बात मानना बेहद जरूरी है। उन्होंने समझाया कि परिवार के संस्कार ही व्यक्ति को जीवन में स्थिरता और दिशा देते हैं।

संगति और चरित्र का संबंध

अपने प्रवचन में उन्होंने संगति के प्रभाव पर भी विशेष बल दिया। उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के भीतर कमजोरी न हो, तो कोई उसे बिगाड़ नहीं सकता। उन्होंने पौराणिक प्रसंगों का हवाला देते हुए कहा कि राम के राज्य में भी मंथरा नहीं सुधरी और रावण के राज्य में रहकर भी विभीषण ने अपना चरित्र नहीं खोया। इससे उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि व्यक्ति का आचरण उसके अपने निर्णयों और अंतर्मन पर निर्भर करता है।

डबरा में आयोजित इस कथा के दौरान दिया गया उनका संबोधन अब चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर उनके समर्थक इसे युवाओं को जागरूक और सशक्त बनाने का प्रयास बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग उनके बयान पर सवाल भी उठा रहे हैं। कुल मिलाकर, यह प्रवचन केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और वैचारिक विमर्श का कारण भी बन गया।

राज्य
View More

Shorts see more

गर्मियों में खीरे को अपनी डाइट में ऐसे करें शामिल, सेहत के लिए होगा फायदेमंद

गर्मियों में खीरे को अपनी डाइट में ऐसे करें शामिल, सेहत के लिए होगा फायदेमंद

  • खीरा शरीर को हाइड्रेट करता है और जल संतुलन बनाए रखता है
  • गर्मियों में खीरा शरीर को ठंडा रखता है
  • खीरा त्वचा के निखार के लिए भी फायदेमंद है
read more

ताजा खबरें
View More

ईरान ने अमेरिका की शर्तों को किया खारिज, वार्ता से दूरी बनाई, क्या टल पाएगा संघर्ष?
ईरान ने अमेरिका की शर्तों को किया खारिज, वार्ता से दूरी बनाई, क्या टल पाएगा संघर्ष?
दिल्ली में बड़ा खुलासा: थिनर से बदल रहे थे एक्सपायरी डेट, नकली पैकिंग कर बेच रहे थे खाद्य सामान, 3 गिरफ्तार
दिल्ली में बड़ा खुलासा: थिनर से बदल रहे थे एक्सपायरी डेट, नकली पैकिंग कर बेच रहे थे खाद्य सामान, 3 गिरफ्तार
राहत भरी खबर! तेल और गैस से लदे 4 जहाज होर्मुज पार, भारत की बड़ी खेप भी रास्ते में
राहत भरी खबर! तेल और गैस से लदे 4 जहाज होर्मुज पार, भारत की बड़ी खेप भी रास्ते में
‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, हिंदी बेल्ट में सबको पछाड़ बनी नंबर-1, जानें कितना हुआ मुनाफा
‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, हिंदी बेल्ट में सबको पछाड़ बनी नंबर-1, जानें कितना हुआ मुनाफा
बिना रडार, बिना अलर्ट… ईरान ने कैसे गिराया अमेरिका का हाईटेक  A-10 फाइटर जेट?
बिना रडार, बिना अलर्ट… ईरान ने कैसे गिराया अमेरिका का हाईटेक A-10 फाइटर जेट?
पाकिस्तान में महंगाई पर बवाल, विरोध प्रदर्शन के बीच पेट्रोल के दाम 80 रुपये प्रति लीटर घटाए गए
पाकिस्तान में महंगाई पर बवाल, विरोध प्रदर्शन के बीच पेट्रोल के दाम 80 रुपये प्रति लीटर घटाए गए
दीपिका चिखलिया ने देखा 'रामायण' का टीजर, रणबीर कपूर को राम के रूप में देखकर जाहिर की खुशी, बोलीं- 'रिलीज का बेसब्री से इंतजार'
दीपिका चिखलिया ने देखा 'रामायण' का टीजर, रणबीर कपूर को राम के रूप में देखकर जाहिर की खुशी, बोलीं- 'रिलीज का बेसब्री से इंतजार'
IPL 2026 Orange Cap: जानें इस सीजन अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज
IPL 2026 Orange Cap: जानें इस सीजन अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज
दिल्ली की भागदौड़ से ब्रेक चाहिए? इन 10 हिल स्टेशनों की रोड ट्रिप देगी सुकून का असली मज़ा
दिल्ली की भागदौड़ से ब्रेक चाहिए? इन 10 हिल स्टेशनों की रोड ट्रिप देगी सुकून का असली मज़ा
CSK vs PBKS: शानदार बल्लेबाजी के बावजूद CSK क्यों हारी, जानिए कप्तान ने हार का जिम्मेदार किसको ठहराया
CSK vs PBKS: शानदार बल्लेबाजी के बावजूद CSK क्यों हारी, जानिए कप्तान ने हार का जिम्मेदार किसको ठहराया
DC vs MI IPL 2026: दिल्ली और मुंबई के बीच अब तक का मुकाबला, जानें कौन रहा है हावी – Head to Head रिकॉर्ड
DC vs MI IPL 2026: दिल्ली और मुंबई के बीच अब तक का मुकाबला, जानें कौन रहा है हावी – Head to Head रिकॉर्ड
DC vs MI: दिल्ली में मौसम बिगाड़ सकता है खेल का रोमांच, मुकाबले के दौरान बारिश का खतरा
DC vs MI: दिल्ली में मौसम बिगाड़ सकता है खेल का रोमांच, मुकाबले के दौरान बारिश का खतरा
धोनी के बिना CSK की फिर फजीहत, 209 रन भी नहीं बचा सके गेंदबाज, पंजाब ने दी करारी शिकस्त
धोनी के बिना CSK की फिर फजीहत, 209 रन भी नहीं बचा सके गेंदबाज, पंजाब ने दी करारी शिकस्त
CSK ने रचा इतिहास, RCB को पछाड़कर बनी नंबर-1, IPL में 36वीं बार 200+ स्कोर का कारनामा
CSK ने रचा इतिहास, RCB को पछाड़कर बनी नंबर-1, IPL में 36वीं बार 200+ स्कोर का कारनामा