
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई महिलाएं तुरंत मां बनने का फैसला नहीं कर पातीं। करियर, पढ़ाई या निजी कारणों की वजह से वे मातृत्व को कुछ सालों के लिए टाल देती हैं। ऐसे में ‘एग फ्रीजिंग’ एक आधुनिक मेडिकल विकल्प है, जो महिलाओं को भविष्य में मां बनने का मौका देता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि एग फ्रीजिंग आखिर कितनी उम्र तक कराई जा सकती है और इसके लिए कितना खर्च करना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक महिलाओं को अपनी प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखने का एक अनोखा अवसर देती है।
# कितनी उम्र तक कराया जा सकता है एग फ्रीजिंग?
एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया महिला की उम्र और अंडाणुओं की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया के लिए सबसे उपयुक्त उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच होती है। इस दौरान अंडाणु सबसे स्वस्थ और जीवनक्षम होते हैं, जिससे भविष्य में गर्भधारण की संभावना अधिक रहती है।
25 से 35 वर्ष: इस उम्र में एग फ्रीज करवाना सबसे सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है। अंडाणु उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं और लंबी अवधि तक स्टोर किए जाने के बाद भी IVF प्रक्रिया में अच्छे परिणाम देते हैं।
35 से 40 वर्ष: इस उम्र में भी एग फ्रीज करवाना संभव है, लेकिन अंडाणुओं की संख्या और क्वालिटी धीरे-धीरे घटने लगती है। इस उम्र में प्रक्रिया कराने से सफलता की संभावना थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन फिर भी यह मातृत्व के विकल्प को सुरक्षित रखता है।
40 से 42 वर्ष: कुछ मामलों में 42 साल तक भी एग फ्रीज किया जा सकता है, लेकिन इस उम्र में अंडाणुओं की गुणवत्ता और संख्यात्मक उपलब्धता काफी कम हो जाती है। ऐसे में सफलता दर कम होने के साथ-साथ IVF के लिए अधिक प्रयास की आवश्यकता पड़ सकती है।
# क्यों है जरूरी एग फ्रीजिंग?
एग फ्रीजिंग आधुनिक महिलाओं के लिए मातृत्व के सपने को सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण उपाय बन चुकी है। इसके कई कारण हैं जिनकी वजह से यह प्रक्रिया जरूरी मानी जाती है:
करियर और पढ़ाई पर फोकस
आज की महिलाएं अक्सर अपने करियर या पढ़ाई में समय और ऊर्जा लगाती हैं। ऐसे में एग फ्रीजिंग एक सुरक्षित विकल्प है, जिससे वे अपने पेशेवर लक्ष्यों को पूरा करते हुए भविष्य में मातृत्व का विकल्प चुन सकती हैं।
देर से शादी या प्रेग्नेंसी की योजना
कई महिलाएं व्यक्तिगत कारणों से विवाह या मातृत्व को स्थगित करती हैं। एग फ्रीजिंग से उनका मां बनने का सपना अधूरा नहीं रहता। समय के साथ अंडाणुओं की संख्या और गुणवत्ता घटती है, इसलिए पहले से एग सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य संबंधी गंभीर स्थितियां
कैंसर या अन्य गंभीर बीमारियों में इलाज से पहले एग फ्रीज करवाना आवश्यक होता है। केमोथेरपी, रेडिएशन या अन्य ट्रीटमेंट्स प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इस प्रक्रिया से भविष्य में प्रेग्नेंसी की संभावना बनी रहती है।
आयु बढ़ने से प्रजनन क्षमता पर नियंत्रण
महिलाओं की उम्र बढ़ने के साथ अंडाणुओं की गुणवत्ता और संख्या घटती जाती है। एग फ्रीजिंग से वे इस प्राकृतिक गिरावट के प्रभाव को नियंत्रित कर सकती हैं और समय रहते मातृत्व का विकल्प सुरक्षित रख सकती हैं।
मनोवैज्ञानिक सुरक्षा और सुविधा
यह प्रक्रिया मानसिक रूप से भी महिलाओं को सुरक्षा देती है। उन्हें यह भरोसा होता है कि चाहे अभी मातृत्व का समय सही न हो, भविष्य में उनके पास विकल्प मौजूद है।
# एग फ्रीजिंग में कितना आता है खर्चा?
एग फ्रीजिंग एक अत्याधुनिक प्रक्रिया है, इसलिए इसमें खर्च आम प्रक्रिया की तुलना में थोड़ा अधिक होता है। विशेषज्ञों के अनुसार:
प्रारंभिक प्रक्रिया का खर्चा
एक बार एग फ्रीज करवाने का खर्च लगभग 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये तक हो सकता है। इसमें अंडाणु निकालने, लैब टेस्ट और फ्रीजिंग प्रक्रिया शामिल होती है।
स्टोरेज चार्ज
फ्रीज किए गए अंडाणुओं को सुरक्षित रखने के लिए सालाना स्टोरेज चार्ज लिया जाता है, जो 25,000 से 60,000 रुपये तक हो सकता है।
IVF के जरिए प्रेग्नेंसी
अगर भविष्य में IVF के माध्यम से प्रेग्नेंसी प्लान करनी हो, तो इसमें अतिरिक्त खर्च जुड़ जाता है। यह खर्च महिला की उम्र, अंडाणुओं की संख्या और IVF क्लिनिक की फीस पर निर्भर करता है।
# क्या है सफलता की संभावना?
एग फ्रीजिंग से मातृत्व की सफलता कई कारकों पर निर्भर करती है:
महिला की उम्र – कम उम्र में फ्रीज किए गए अंडाणु से प्रेग्नेंसी की संभावना सबसे अधिक होती है।
अंडाणुओं की गुणवत्ता – स्वास्थ्य और जैविक कारणों से अंडाणुओं की गुणवत्ता पर सफलता दर प्रभावित होती है।
प्रक्रिया की सही समय पर शुरूआत – विशेषज्ञ हमेशा समय रहते एग फ्रीज करवाने की सलाह देते हैं।
एग फ्रीजिंग महिलाओं को मातृत्व का विकल्प सुरक्षित रखने का एक आधुनिक और विश्वसनीय तरीका प्रदान करती है। सही उम्र और विशेषज्ञ की देखरेख में यह प्रक्रिया करवाना बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। हालांकि इसमें खर्च थोड़ा अधिक है, लेकिन भविष्य में इसके फायदे कई गुना ज्यादा हो सकते हैं।














