न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

दक्षिण कोरिया में दिन में तीन बार ब्रश करने का ट्रेंड क्यों? जानिए साफ मुस्कान के पीछे छिपा रहस्य

दक्षिण कोरिया में दिन में तीन बार ब्रश करने की परंपरा सिर्फ पर्सनल हाइजीन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वहां के सामाजिक शिष्टाचार और सांस्कृतिक अनुशासन का प्रतीक बन चुकी है। जानिए क्यों कोरियाई लोग अपनाते हैं ‘ट्रिपल थ्री फॉर्मूला’ और क्या है इसके पीछे की सोच।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Wed, 12 Nov 2025 1:00:09

दक्षिण कोरिया में दिन में तीन बार ब्रश करने का ट्रेंड क्यों? जानिए साफ मुस्कान के पीछे छिपा रहस्य

अगर आप लंच के बाद किसी दक्षिण कोरियाई दफ्तर में झांकें, तो आपको एक दिलचस्प नजारा देखने को मिलेगा—हर कोई अपने टूथब्रश और मिंट टूथपेस्ट लेकर वॉशरूम की ओर जा रहा होता है। यह किसी विज्ञापन की शूटिंग नहीं, बल्कि वहां के लोगों की रोजमर्रा की आदत है।

जहां दुनिया भर में ज्यादातर लोग सुबह और रात में दो बार ब्रश करते हैं, वहीं दक्षिण कोरिया में यह नियम थोड़ा अलग है। यहां लोग दिन में तीन बार दांत साफ करते हैं। यहां ब्रश करना सिर्फ पर्सनल हाइजीन नहीं, बल्कि सामाजिक शिष्टाचार का हिस्सा माना जाता है। कोरियाई मान्यता के अनुसार, साफ-सुथरी मुस्कान आत्म-अनुशासन, सभ्यता और आत्म-सम्मान की पहचान है।

क्या है ‘ट्रिपल थ्री फॉर्मूला’?


कोरिया में दांत साफ करना एक तरह का सार्वजनिक संस्कार बन चुका है, जिसे “ट्रिपल थ्री फॉर्मूला” कहा जाता है। इस फॉर्मूले के तीन मूल नियम हैं— दिन में तीन बार ब्रश करना, हर भोजन के तीन मिनट के भीतर, और पूरे तीन मिनट तक ब्रश करना।

यह फॉर्मूला न केवल दांतों को मजबूत और साफ रखता है, बल्कि माउथ ओडर यानी सांसों की दुर्गंध जैसी आम समस्या से भी बचाता है।

बचपन से सिखाई जाती है ब्रशिंग की आदत

कोरियाई समाज में यह आदत बचपन से ही बच्चों में डाली जाती है। किंडरगार्डन और डे-केयर सेंटर में बच्चे समूह में ब्रश करना सीखते हैं। शिक्षकों द्वारा उन्हें सही ब्रशिंग तकनीक, समय और अनुशासन का महत्व समझाया जाता है।

स्कूलों में बच्चों के लिए विशेष ब्रशिंग जोन बनाए जाते हैं—लंबे सिंक, कई नल और स्टोरेज रैक के साथ। यहां यह सिर्फ ब्रशिंग एक्टिविटी नहीं होती, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रशिक्षण भी होता है।

ऑफिस से लेकर मॉल तक—हर जगह दिखती है यह संस्कृति

कोरिया में यह प्रथा सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रही। अब यह कार्यस्थलों, मॉल, कैफे, बस स्टेशनों और रेलवे प्लेटफॉर्म तक फैल चुकी है। वहां के वॉशरूम्स में ब्रश करने के लिए अलग सिंक और सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, ताकि लोग लंच या स्नैक्स के बाद आसानी से दांत साफ कर सकें।

कोरियाई लोगों के लिए ब्रशिंग ब्रेक अब उतना ही जरूरी है जितना कॉफी ब्रेक लेना। उनके लिए यह शरीर और मन दोनों को तरोताजा करने का जरिया बन गया है।

कैसे शुरू हुआ यह ब्रशिंग कल्चर?

इस अनोखी आदत की जड़ें 1980 के दशक में मिलती हैं। उस वक्त कोरियन डेंटल एसोसिएशन ने एक बड़े स्तर पर ओरल हेल्थ कैंपेन चलाया था।

इस अभियान का उद्देश्य था—लोगों को दांतों की सफाई के प्रति जागरूक बनाना। क्योंकि कोरियाई भोजन में लहसुन का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है, जिससे सांसों में दुर्गंध की समस्या आम थी। दंत चिकित्सकों ने इसका समाधान “दिन में तीन बार ब्रश” के रूप में सुझाया। धीरे-धीरे यह नियम समाज में गहराई से उतर गया और अब यह कोरियाई जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बन गया है।

क्यों अपनाया गया ट्रिपल थ्री फॉर्मूला?

इस आदत का मकसद सिर्फ स्वस्थ दांत पाना नहीं, बल्कि सामाजिक आत्मविश्वास बढ़ाना भी है। जब किसी की मुस्कान साफ और सांसें ताजी हों, तो संवाद करना सहज और सुखद लगता है।

यही वजह है कि दक्षिण कोरिया में ब्रश करना केवल हाइजीन हैबिट नहीं रहा, बल्कि अब यह एक संस्कृतिक पहचान और जीवन अनुशासन का प्रतीक बन चुका है।

राज्य
View More

Shorts see more

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

  • लव बाइट प्यार की निशानी है, लेकिन कभी-कभी खतरे की वजह भी बन सकती है।
  • एक छोटा सा निशान स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • जानिए कब हिक्की सामान्य है और कब सतर्क होने की जरूरत है।
read more

ताजा खबरें
View More

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत