
हम अक्सर अपनी त्वचा, बाल और चेहरे की सुंदरता पर ध्यान देते हैं, लेकिन मुंह के अंदर होने वाले बदलावों को नजरअंदाज कर देते हैं। असल में, मुंह शरीर का आईना है और यहां दिखने वाले छोटे-छोटे लक्षण हमारे स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मुंह में होने वाले बदलाव कई बार पोषण की कमी या गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
1. होंठों के किनारों पर दरारें
अगर आपके होंठों के कोनों पर बार-बार दरारें पड़ती हैं, तो यह सिर्फ एक सामान्य असुविधा नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर में पोषण संबंधी कमी का संकेत हो सकता है। आमतौर पर यह Vitamin B2 (रिबोफ्लेविन) की कमी की वजह से होता है, जो शरीर में ऊर्जा उत्पादन, कोशिकाओं की मरम्मत और त्वचा की स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसके अलावा आयरन और जिंक की कमी भी होंठों पर दरारें डाल सकती है, क्योंकि ये खनिज हमारे शरीर में कोशिकाओं की मरम्मत और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करते हैं।
यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो समय रहते इस पर ध्यान देना आवश्यक है। अक्सर लोग इसे मौसम या ठंड के कारण होने वाली सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार दरारें पोषण की गंभीर कमी का संकेत हो सकती हैं। बेहतर होगा कि आप हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, दूध, अंडा, मांस और बीज अपने आहार में शामिल करें। साथ ही, अगर ज़रूरत पड़े तो डॉक्टर से विटामिन सप्लीमेंट्स लेने पर विचार करें।
2. मसूड़ों से खून आना
यदि ब्रश करते समय या खाने के दौरान मसूड़ों से खून आता है, तो इसे सामान्य समस्या मानना गलत है। यह अक्सर Vitamin C की कमी का संकेत हो सकता है। विटामिन C हमारे शरीर में कोलेजन निर्माण में मदद करता है, जो मसूड़ों और दांतों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। इसके अलावा, अगर दांतों और मसूड़ों की सफाई ठीक से नहीं होती या मुँह में बैक्टीरिया का जमाव अधिक होता है, तो मसूड़ों से खून आने की समस्या बढ़ सकती है।
इस समस्या से बचने के लिए नियमित रूप से दांतों और मसूड़ों की सफाई करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा आंवला, नींबू, संतरा, अमरूद और हरी सब्जियां जैसे विटामिन C युक्त फलों का सेवन बढ़ाएं। ये आपके मसूड़ों को मजबूत बनाएंगे और ब्लीडिंग की समस्या कम करेंगे। अगर खून आने की समस्या लगातार बनी रहती है, तो डेंटिस्ट या डॉक्टर से जांच कराना आवश्यक है, क्योंकि कभी-कभी यह गम डिजीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
3. मुंह में बार-बार छाले
अगर आपके मुंह में बार-बार छाले हो रहे हैं, तो यह केवल गर्म या मसालेदार भोजन का परिणाम नहीं है। लगातार छाले होना Vitamin B12 deficiency या आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। विटामिन B12 और आयरन हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, ऊर्जा उत्पादन और तंत्रिका तंत्र के सही कामकाज के लिए जरूरी हैं।
इसके अलावा बार-बार छाले पाचन तंत्र में गड़बड़ी का संकेत भी दे सकते हैं, जैसे कि एसिडिटी, गैस या कुछ मामलों में इन्फेक्शन। इस स्थिति में समय रहते डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। इसके अलावा आप अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, अंडा, मांस, दूध और डेयरी उत्पाद शामिल कर सकते हैं। यदि आवश्यक हो, तो डॉक्टर द्वारा सुझाए गए विटामिन B12 या आयरन सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं।
4. मुंह में जलन
मुंह या जीभ में जलन महसूस होना एक सामान्य समस्या की तरह दिखाई दे सकता है, लेकिन यह iron deficiency anemia और Vitamin B complex deficiency का संकेत भी हो सकता है। यह समस्या खासकर महिलाओं में अधिक पाई जाती है, क्योंकि उनके शरीर में मासिक धर्म और पोषण की वजह से आयरन की कमी जल्दी हो सकती है।
अगर मुंह या जीभ में जलन लगातार बनी रहती है, तो इसे हल्के में न लें। इससे न केवल खाने-पीने में कठिनाई हो सकती है बल्कि यह पोषण और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। इस स्थिति में रक्त परीक्षण और डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है। साथ ही अपने आहार में पालक, बीन्स, गाजर, अंडा, मीट और विटामिन B युक्त फल शामिल करना लाभकारी हो सकता है।
5. दांतों में कैविटी
दांतों में कैविटी होना सिर्फ ज्यादा मिठाई, चॉकलेट या शुगर का सेवन करने की वजह से नहीं होता। यह अक्सर calcium और Vitamin D की कमी का संकेत भी हो सकता है। कैल्शियम हमारे दांतों और हड्डियों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है, वहीं विटामिन D शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में मदद करता है।
कैविटी की समस्या होने पर दांत कमजोर होने लगते हैं और खाने-पीने में दर्द या संवेदनशीलता महसूस हो सकती है। इसके लिए दूध, दही, पनीर जैसी डेयरी उत्पादों का नियमित सेवन और पर्याप्त धूप लेना जरूरी है। इसके अलावा समय-समय पर डेंटल चेकअप कराना भी लाभकारी होता है।
6. दांत दर्द और कमजोरी
अगर आपके दांत लगातार दर्द कर रहे हैं, कमजोर हो रहे हैं या टूटने लगे हैं, तो यह आपके शरीर में minerals की कमी का संकेत हो सकता है। खासकर कैल्शियम, फॉस्फोरस और Vitamin D की कमी इस समस्या को बढ़ा सकती है।
इस स्थिति में उचित पोषण बेहद महत्वपूर्ण है। अपने आहार में दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, मछली और अंडे शामिल करें। इसके साथ ही समय पर डेंटल क्लिनिक जाकर दांतों की जांच कराना जरूरी है। सही समय पर उपचार और संतुलित पोषण से दांत मजबूत रह सकते हैं और भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














