
आज की व्यस्त जीवनशैली में महिलाएं काम, परिवार और अन्य जिम्मेदारियों के बीच अक्सर अपनी खुद की भलाई और स्वास्थ्य की अनदेखी कर देती हैं। इसका असर उनके व्यक्तिगत जीवन और सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है। लेकिन यह एक ऐसी समस्या है जिसे अक्सर खुलकर साझा नहीं किया जाता। रिसर्च बताती है कि लगभग 40% महिलाएं Female Sexual Dysfunction (FSD) जैसी बीमारी से जूझती हैं। यह सिर्फ शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है।
सेक्स की इच्छा में कमी क्यों होती है
कई महिलाएं महसूस करती हैं कि सेक्स के लिए उनका मन नहीं करता या वे पर्याप्त आनंद नहीं ले पातीं। अध्ययनों के अनुसार, लगभग 47% महिलाएं मानती हैं कि वे अपनी सेक्स लाइफ में वह संतोष नहीं प्राप्त कर पातीं जो होना चाहिए। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- लगातार स्ट्रेस और चिंता
- डिप्रेशन या मानसिक थकान
- असंतुलित डाइट या अत्यधिक व्यायाम
- कुछ दवाइयों का सेवन
इन कारणों से रिश्तों में दूरी और तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में अच्छी नींद, संतुलित आहार और स्ट्रेस मैनेजमेंट अपनाना न केवल स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि सेक्स लाइफ को भी बेहतर बनाने में मदद करता है।
ऑर्गैज़्म तक न पहुँच पाना
कुछ महिलाओं को सेक्स के दौरान orgasm तक पहुंचने में कठिनाई होती है। अध्ययन के अनुसार, 85% महिलाओं ने स्वीकार किया है कि उन्हें कभी न कभी ऑर्गैज़्म में समस्या हुई है। कभी-कभी ऐसा होना सामान्य है, लेकिन यदि यह बार-बार और अचानक होने लगे तो यह FSD का संकेत हो सकता है।
इस स्थिति में आप डॉक्टर से दवाइयों के साइड इफेक्ट्स और हार्मोनल पिल्स के बारे में चर्चा कर सकती हैं। सही दिशा में बदलाव करने से समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सेक्स के दौरान दर्द (Dyspareunia)
कई महिलाएं सेक्स के दौरान दर्द या असुविधा की शिकायत करती हैं। मेडिकल भाषा में इसे Dyspareunia कहा जाता है। इसके कारण हो सकते हैं:
- इंफेक्शन या पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज
- एंडोमेट्रियोसिस या ओवरी सिस्ट
- Vaginal dryness या poor lubrication
अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। सही इलाज और देखभाल से दर्द को कम किया जा सकता है और सेक्स लाइफ को स्वस्थ बनाया जा सकता है।
महिलाओं के लिए खुलकर बात करना जरूरी है
महिलाओं की सेक्स हेल्थ पर चर्चा करना आज भी समाज में टाबू माना जाता है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना नुकसानदेह हो सकता है। यदि आप ऊपर बताई कुछ समस्याओं का अनुभव कर रही हैं तो इसे गंभीरता से लें। समय पर सही कदम उठाने से न केवल रिश्तों में सुधार, बल्कि आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन भी बढ़ता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














