
हाई यूरिक एसिड या हाइपरयूरिसीमिया अब सिर्फ जोड़ों की समस्या नहीं रह गई है। यह किडनी और मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित कर सकता है। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर गंभीर गाउट अटैक, जोड़ों में अकड़न और किडनी पर अतिरिक्त दबाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लंबे समय तक बैठना, हाई प्रोटीन डाइट और पर्याप्त पानी न पीना इस स्थिति को बढ़ावा देते हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सिर्फ 10 मिनट की वॉक भी यूरिक एसिड को नियंत्रित करने और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद कर सकती है।
# यूरिक एसिड के लिए वॉक क्यों जरूरी है?
वॉक केवल कैलोरी बर्न करने का जरिया नहीं है। यह मेटाबॉलिक सिस्टम को भी सक्रिय करती है। रेगुलर वॉक से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे किडनी अतिरिक्त यूरिक एसिड को प्रभावी ढंग से बाहर निकाल सकती है। वॉक इन्सुलिन रेजिस्टेंस को भी कम करती है, जो यूरिक एसिड बढ़ने का एक मुख्य कारण है। रोजाना 10 मिनट की हल्की वॉक मेटाबॉलिक वेस्ट को तेजी से शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है और जोड़ों के आसपास सूजन को घटाती है।
# 10 मिनट का आसान वॉक रूटीन
1-2 मिनट: वार्म-अप वॉक
धीमी गति से चलें और गहरी सांस लें। यह मांसपेशियों को जगाता है और जोड़ों को एक्टिव करता है।
3-5 मिनट: तेज चलना
थोड़ी तेज गति से चलें, पीठ सीधी रखें और हाथों को हिलाते रहें। यह किडनी सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद करता है।
6-7 मिनट: स्टेप एंड स्ट्रेच
कदम बढ़ाते हुए हाथ ऊपर उठाकर हल्का ट्विस्ट करें। यह कमर को रिलैक्स करता है और शरीर में फ्लुइड बैलेंस बनाए रखता है।
8-9 मिनट: हील रेज और मिनी स्क्वैट
हील रेज और मिनी स्क्वैट करें। इससे पिंडली की मांसपेशियां एक्टिव होती हैं और टॉक्सिन बाहर निकलने में मदद मिलती है।
10 मिनट: धीमी गति से वॉक और गहरी सांस
धीमी गति से वॉक करें और गहरी सांस लें। यह शरीर को शांत करता है और सूजन को कम करता है।
# 10 मिनट की वॉक कैसे मदद करती है?
2021 में एनआईएच की रिसर्च में पाया गया कि लो-इंटेंसिटी एरोबिक एक्सरसाइज यूरिक एसिड मेटाबॉलिज्म और किडनी फंक्शन में सुधार करती है। 2024 में जनरल ऑफ़ एंटीऑक्सीडेंट्स की रिसर्च में भी बताया गया कि छोटे ब्रेक में की गई फिजिकल एक्टिविटी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करती है, जो यूरिक एसिड बढ़ने का कारण बनता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














