सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी एक्ट्रेस सारा अली खान (30) हमेशा लाइमलाइट में रहती हैं, फिर चाहे वह फिल्में कर रही हों या नहीं। वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। सारा ब्रेक मिलने पर घूमने निकल पड़ती हैं और खास तौर से धार्मिक स्थानों पर खूब जाती हैं। वह इनकी झलकियां भी फैंस को दिखाती हैं। हालांकि कई बार उन्हें खूब ट्रॉल भी किया जाता है। इस बीच सारा ने इस बारे में अपने विचार व्यक्त किए हैं। सारा मानती हैं कि लगातार ट्रॉलिंग और आलोचना का सामना करना आसान नहीं होता है, खासकर जब यह व्यक्तिगत हो जाए या उन्हें नीचा दिखाने के इरादे से किया जाए।
हालांकि समय के साथ उन्होंने मानसिक फिल्टर लगाना सीख लिया है, जो उन्हें शोरगुल से दूर रहने में मदद करता है और अपने ऊपर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। जब सारा से पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने काम के बारे में क्रिएटिव ट्रॉलिंग से बचने के लिए कोई मानसिक फिल्टर बनाया है। इस पर सारा ने कहा कि जब आप एक सार्वजनिक हस्ती होते हैं, तो यह बिल्कुल आसान नहीं होता, राय हर तरफ से आती हैं, चाहे पूछा जाए या नहीं। लेकिन समय के साथ, मैंने एक मानसिक फिल्टर बनाना सीख लिया है। मैं खुद को याद दिलाती हूं कि क्रिएटिव ट्रॉलिंग काम के बारे में होती है और यह मुझे आगे बढ़ने, सीखने और बेहतर बनने में मदद करती है।
मैं इसकी बहुत कद्र करती हूं। जब यह व्यक्तिगत हो जाता है, या जब इरादा आपको ऊपर उठाने के बजाय नीचे गिराने का हो, तो मैं इसे अंदर नहीं आने देती। मुझे एहसास हुआ है कि हर कोई आपको नहीं जानता, और हर किसी को जानने की जरूरत भी नहीं है। सबसे जरूरी बात यह है कि मैं कौन हूं, मेरे मूल्य, मेरे इरादे और उन लोगों से जुड़ी रहूं, जो मुझे स्क्रीन के बाहर जानते हैं। कुछ दिन ऐसे भी आते हैं जब ये सब मुझे प्रभावित करता है और मैं उस भावना को भी स्वीकार करती हूं। मैं अपने परिवार को देखकर सुकून महसूस करती हूं। मैं हमेशा अपने काम, अपने परिवार, अपनी दिनचर्या, अपने दोस्तों और उन चीजों की ओर लौटती हूं, जो मुझे वास्तविक और ज़मीन से जोड़े रखती हैं।
आखिरकार अगर आपको अपने काम पर गर्व है और आप उसमें आगे बढ़ रहे हैं, तो यही सबसे ज्यादा मायने रखता है। मुझ पर हमेशा खुश दिखने का कोई दबाव नहीं है। मैं खुद को थोड़ा-बहुत नाटक करने देती हूं, अपनी डायरी या दोस्तों से दिल की बात कहती हूं, कोई आरामदायक शो देखती हूं और फिर वापस चमकने लगती हूं। जिंदगी तब ज़्यादा मजेदार होती है जब आप अपनी भावनाओं को दबाते नहीं हैं, और सच कहूं तो इससे खुशी के पल और भी मीठे हो जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि सारा ने साल 2018 में दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत के अपोजिट फिल्म ‘केदारनाथ’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने ‘सिम्बा’, ‘कुली नंबर 1’, ‘अतरंगी रे’ और ‘जरा हटके जरा बचके’ जैसी कई फिल्मों में काम किया। सारा की पिछली फिल्म इसी साल आई ‘मेट्रो इन दिनों’ थी। इसमें उनके अपोजिट आदित्य रॉय कपूर थे।














