साउथ अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु की फिल्म 'मा इंटी बंगारम' रिलीज के बाद से लगातार चर्चा में बनी हुई है। निर्देशक नंदिनी रेड्डी की इस फिल्म को दर्शकों का शानदार समर्थन मिला है और बॉक्स ऑफिस पर भी इसका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। फिल्म में सामंथा के अभिनय को खूब सराहा जा रहा है। लंबे समय तक तेलुगु सिनेमा में महिला-प्रधान फिल्मों की बात आते ही अनुष्का शेट्टी की 'अरुंधति' का नाम सबसे ऊपर लिया जाता था, लेकिन अब 'मा इंटी बंगारम' ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया है।
ऐसे दौर में जब तेलुगु फिल्म उद्योग में बड़े सितारों और हीरो-केंद्रित फिल्मों का दबदबा माना जाता रहा है, सामंथा ने एक बार फिर साबित किया है कि दमदार कहानी और मजबूत अभिनय के दम पर महिला-प्रधान फिल्में भी बड़ी व्यावसायिक सफलता हासिल कर सकती हैं। अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाने वाली सामंथा के खाते में अब एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई है।
बॉक्स ऑफिस पर बनाई नई मिसाल
19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'मा इंटी बंगारम' ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में शानदार प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने भारत में 50 करोड़ रुपये से अधिक और दुनियाभर में 83 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया है। इसी के साथ यह तेलुगु सिनेमा के इतिहास की सबसे अधिक कमाई करने वाली महिला-प्रधान फिल्म बन गई है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड निर्देशक कोडी रामकृष्ण की 2009 में रिलीज हुई 'अरुंधति' के नाम था। अनुष्का शेट्टी और सोनू सूद अभिनीत इस फिल्म ने उस समय वैश्विक स्तर पर 70 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर नया मानक स्थापित किया था। अब 'मा इंटी बंगारम' ने उस उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है।
सामंथा के प्रोडक्शन हाउस त्रलाला मूविंग पिक्चर्स ने भी इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि 'मा इंटी बंगारम' ने तेलुगु सिनेमा के इतिहास में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली महिला-प्रधान फिल्म बनने का गौरव हासिल कर लिया है।
इन फिल्मों ने भी बनाया था मजबूत रिकॉर्ड
तेलुगु सिनेमा में महिला-केंद्रित फिल्मों की सफलता की बात करें तो कई अन्य फिल्मों ने भी बॉक्स ऑफिस पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। कुछ लोग नाग अश्विन के निर्देशन में बनी 'महानटी' का भी जिक्र करते हैं, जिसने दुनियाभर में 75 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था। हालांकि, इस फिल्म में कीर्ति सुरेश के अलावा दुलकर सलमान, सामंथा रुथ प्रभु, विजय देवरकोंडा और कई अन्य प्रमुख कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आए थे, इसलिए इसे पूरी तरह एकल महिला-प्रधान फिल्म की श्रेणी में नहीं रखा जाता।
इसी तरह निर्देशक गुनाशेखर की 'रुद्रमादेवी' ने भी विश्वभर में 86 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था। फिल्म में अनुष्का शेट्टी मुख्य भूमिका में थीं, लेकिन अल्लू अर्जुन और राणा दग्गुबाती जैसे बड़े कलाकारों की अहम मौजूदगी के कारण इसे भी मल्टी-स्टारर परियोजना माना जाता है।
साउथ इंडिया में 'लोकाह' अब भी सबसे आगे
हालांकि, तेलुगु सिनेमा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली महिला-प्रधान फिल्म का रिकॉर्ड अब 'मा इंटी बंगारम' के नाम हो गया है, लेकिन पूरे दक्षिण भारतीय सिनेमा की बात करें तो यह उपलब्धि अभी भी मलयालम फिल्म 'लोकाह: चैप्टर 1 – चंद्रा' के पास है।
डोमिनिक अरुण के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कल्याणी प्रियदर्शन और नास्लेन मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे, जबकि इसके निर्माता दुलकर सलमान थे। फिल्म ने दुनियाभर में 300 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया और दक्षिण भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली महिला-प्रधान फिल्मों में शीर्ष स्थान हासिल किया। फिल्म की सफलता पर कलाकारों और पूरी टीम ने भी कई इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि उन्हें इसकी रिकॉर्डतोड़ कमाई की उम्मीद नहीं थी।













