बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल ने हाल ही में अपने जीवन के उस मुश्किल दौर का जिक्र किया, जब उनका करियर लगभग ठहर सा गया था और निजी जिंदगी भी कई चुनौतियों से गुजर रही थी। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आया था जब उनके पास काम नहीं था, आत्मविश्वास लगातार टूट रहा था और उन्हें लगने लगा था कि इंडस्ट्री में अब कोई उन्हें याद नहीं करता। इस मानसिक स्थिति ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया और धीरे-धीरे वे नकारात्मक सोच के शिकार हो गए। हालांकि उस कठिन समय में उनकी पत्नी तान्या देओल ने जिस तरह उनका साथ दिया, उसे वह अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा मानते हैं।
एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान बॉबी देओल ने खुलकर बताया कि जब इंसान उम्मीद छोड़ देता है तो वह खुद को परिस्थितियों का शिकार समझने लगता है। उन्होंने कहा कि उनके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। काम की कमी और लगातार असफलताओं ने उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर दिया था। उन्हें लगने लगा था कि उनका करियर खत्म हो चुका है और अब उनके लिए कोई अवसर नहीं बचा है। इसी दौरान उन्होंने शराब का सहारा लेना शुरू कर दिया।
बॉबी ने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि शराब उनके तनाव को कम कर रही है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति उलट गई। उन्होंने कहा कि पहले व्यक्ति शराब पीता है, लेकिन एक समय के बाद शराब व्यक्ति को नियंत्रित करने लगती है। यह दौर उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि इसका असर उनकी सोच, व्यवहार और पारिवारिक जीवन पर भी पड़ने लगा था। वह अक्सर चिड़चिड़े रहने लगे थे और छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता था।
इस कठिन समय में उनकी पत्नी तान्या देओल मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहीं। बॉबी ने कहा कि तान्या ने न केवल भावनात्मक रूप से उनका साथ दिया, बल्कि परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां भी संभालीं। जब उनके पास काम नहीं था, तब तान्या ने घर का पूरा खर्च उठाया और कभी उन्हें यह महसूस नहीं होने दिया कि वह किसी तरह का बोझ हैं। अभिनेता के मुताबिक, उनकी पत्नी लगातार उन्हें प्रेरित करती थीं और आत्मविश्वास बनाए रखने की कोशिश करती थीं।
बॉबी ने बताया कि तान्या हमेशा उन्हें समझाती थीं कि खुद के बारे में नकारात्मक सोचने से कुछ हासिल नहीं होगा। हालांकि किसी भी व्यक्ति की सोच तभी बदलती है जब वह बदलाव भीतर से आता है। उनके जीवन में वह निर्णायक क्षण तब आया, जब उनके बच्चों ने एक मासूम सवाल पूछ लिया। बच्चों ने अपनी मां से पूछा कि पापा हमेशा घर पर क्यों रहते हैं, जबकि आप रोज ऑफिस जाती हैं। यह बात बॉबी के दिल को गहराई से छू गई।
उन्होंने कहा कि बच्चों की वह बात उनके लिए एक चेतावनी की तरह थी। उन्हें एहसास हुआ कि उनके बच्चे उनसे उम्मीदें रखते हैं और उन्हें एक मजबूत पिता के रूप में देखना चाहते हैं। उसी दिन उन्होंने तय कर लिया कि अब उन्हें खुद को बदलना होगा। इसके बाद उन्होंने अपनी फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया और जीवन को नए नजरिए से देखने की कोशिश की।
बॉबी देओल ने खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने नियमित वर्कआउट शुरू किया और अपने व्यक्तित्व में बदलाव लाने पर फोकस किया। इसी दौरान उनके जीवन में नया मोड़ आया, जब अभिनेता सलमान खान ने उन्हें अपनी फिल्म "रेस 3" में काम करने का मौका दिया। यह अवसर उनके करियर के पुनरुद्धार की शुरुआत साबित हुआ।
इसके बाद बॉबी देओल को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सफलता मिली। वे "आश्रम" और "क्लास ऑफ 83" जैसी परियोजनाओं में नजर आए, जहां उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा। इन प्रोजेक्ट्स ने उन्हें एक बार फिर इंडस्ट्री में मजबूत पहचान दिलाने में मदद की।
पिछले कुछ वर्षों में बॉबी देओल के करियर ने शानदार वापसी की है। खासतौर पर 2023 में रिलीज हुई फिल्म "एनिमल" में उनके किरदार ने देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी चर्चा बटोरी। कम संवादों के बावजूद उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
आज बॉबी देओल अपने करियर के एक नए और सफल दौर में हैं। वह कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं और लगातार नई भूमिकाओं के जरिए दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि मुश्किल दौर चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, सही समर्थन, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ वापसी हमेशा संभव होती है।













