बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन को ऐसा सुपरस्टार माना जाता है, जिनके साथ काम करना हर कलाकार के लिए एक बड़े मौके से कम नहीं होता। कई अभिनेता तो सालों तक इस मौके का इंतजार करते रहते हैं कि उन्हें कभी महानायक के साथ स्क्रीन शेयर करने का अवसर मिले। लेकिन इंडस्ट्री की हकीकत इससे अलग भी है, जहां एक ऐसे एक्टर की कहानी सामने आती है, जिसने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत ही अमिताभ बच्चन के साथ की थी, फिर भी सफलता उसके कदम चूम नहीं सकी। यह अभिनेता हैं अभिमन्यु सिंह, जिन्होंने अपनी दमदार अदाकारी से कई फिल्मों में पहचान बनाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती झटके ने उनके करियर की रफ्तार को धीमा कर दिया।
हाल ही में अभिमन्यु सिंह ने अपने करियर के कठिन दौर को लेकर खुलकर बातचीत की और बताया कि कैसे बड़े स्टार के साथ डेब्यू करने के बावजूद उन्हें इंडस्ट्री में स्थिरता नहीं मिल पाई। उनके मुताबिक शुरुआत भले ही शानदार रही हो, लेकिन असली संघर्ष उसके बाद शुरू हुआ, जब काम मिलना बेहद मुश्किल हो गया।
बिना गॉडफादर के इंडस्ट्री में टिकना रहा चुनौतीपूर्ण
अभिमन्यु सिंह ने एक इंटरव्यू में अपने संघर्ष भरे सफर को साझा करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में उनका कोई गॉडफादर नहीं था, जिसके चलते उन्हें हर कदम पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उन्होंने साल 2001 में फिल्म ‘अक्स’ से बॉलीवुड में कदम रखा था, जिसमें अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज कलाकार भी शामिल थे। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी।
अभिमन्यु के अनुसार, भले ही उन्होंने एक बड़ी फिल्म से शुरुआत की थी, लेकिन उसके फ्लॉप होने का असर सीधे उनके करियर पर पड़ा। उन्हें उम्मीद थी कि बड़े प्रोजेक्ट से डेब्यू करने के बाद लगातार अच्छे ऑफर मिलेंगे, लेकिन हालात इसके बिल्कुल उलट रहे।
मनोज बाजपेयी की वजह से मिला पहला बड़ा ब्रेक
अपने करियर की शुरुआत को याद करते हुए अभिमन्यु सिंह ने बताया कि थिएटर के दिनों में उनकी मुलाकात अभिनेता मनोज बाजपेयी से हुई थी। उन्होंने उनका एक नाटक देखा था और उनकी परफॉर्मेंस से प्रभावित होकर फिल्ममेकर राकेश मेहरा को उनका नाम सुझाया। इसके बाद उनका स्क्रीन टेस्ट लिया गया और उन्हें फिल्म ‘अक्स’ में काम करने का मौका मिला।
अभिमन्यु ने कहा कि यह उनके लिए एक बड़ा अवसर था, लेकिन दुर्भाग्य से फिल्म सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उनका करियर एक अनिश्चित मोड़ पर पहुंच गया, जहां काम मिलना लगभग बंद हो गया था।
फ्लॉप फिल्म के बाद काम के लिए भटकना पड़ा
अभिमन्यु सिंह ने अपने संघर्ष के उस दौर को याद करते हुए बताया कि लोग यह मान लेते थे कि उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया है, इसलिए उनका करियर आसानी से आगे बढ़ेगा। लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग थी।
उन्होंने कहा कि फिल्म फ्लॉप होने के बाद उन्हें टीवी सीरियल्स तक में काम मिलने में दिक्कत होने लगी। कई बार ऐसा समय भी आया जब उनके पास कोई प्रोजेक्ट नहीं था और उन्हें लगातार ऑडिशन के लिए भटकना पड़ता था। उनके अनुसार इंडस्ट्री में फ्लॉप फिल्म का असर इतना गहरा होता है कि कई बार टैलेंट के बावजूद मौके नहीं मिलते।
उन्होंने यह भी कहा कि दर्शक और निर्माता अक्सर पिछली असफलताओं को ज्यादा याद रखते हैं, जबकि कलाकार की मेहनत पीछे छूट जाती है। यही वजह थी कि शुरुआती असफलता के बाद उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।
चार साल बाद मिला नया मौका और वापसी
अभिमन्यु सिंह ने बताया कि शुरुआती फिल्म के बाद उन्हें लगभग चार साल तक कोई बड़ा काम नहीं मिला। यह उनके करियर का सबसे मुश्किल दौर था, जहां असमंजस और निराशा दोनों साथ चल रहे थे। लेकिन इसी बीच उन्हें फिल्म ‘लक्ष्य’ में काम करने का मौका मिला, जिसने उनके करियर को दोबारा एक दिशा दी।
इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी पहचान फिर से बनानी शुरू की और अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। अभिमन्यु का कहना है कि हर असफलता के बाद मिली सफलता और भी ज्यादा मूल्यवान लगती है।
फिलहाल वह अपनी आगामी फिल्मों को लेकर चर्चा में हैं और जल्द ही वह ‘बटवारा 1947’ (पूर्व में ‘लाहौर 1947’) जैसी परियोजनाओं में नजर आ सकते हैं।














