
सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना का पावन समय माना जाता है। इस खास महीने में हर मंगलवार को विवाहित स्त्रियाँ और कन्याएं पूरे मन से मंगला गौरी का व्रत रखती हैं, ताकि उनके जीवन में सुख, समृद्धि और प्रेम बना रहे। यह व्रत माता गौरी यानी पार्वती जी को समर्पित होता है, जो स्त्री शक्ति की प्रतीक मानी जाती हैं। इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ शिव-पार्वती का पूजन किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से पति-पत्नी के रिश्ते में आपसी समझ और प्रेम गहरा होता है। वहीं जिन कन्याओं के विवाह में बाधाएं आ रही हों, उनके लिए यह व्रत बेहद लाभकारी माना गया है।
आइए जानें मंगला गौरी व्रत के शुभ पूजन मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय, ताकि आप भी इस दिन का पूर्ण लाभ उठा सकें—
सावन के पहले मंगला गौरी व्रत पर पूजन के शुभ मुहूर्त
(इन खास समयों पर पूजा करने से माँ गौरी की विशेष कृपा प्राप्त होती है)
मुख्य मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त: 04:12 एएम से 04:52 एएम
अभिजित मुहूर्त: 11:59 एएम से 12:55 पीएम
विजय मुहूर्त: 02:45 पीएम से 03:40 पीएम
गोधूलि मुहूर्त: 07:19 पीएम से 07:40 पीएम
अमृत काल: 09:59 पीएम से 11:33 पीएम
चौघड़िया मुहूर्त:
चर (सामान्य): 09:00 एएम से 10:44 एएम
लाभ (उन्नति): 10:44 एएम से 12:27 पीएम
अमृत (सर्वोत्तम): 12:27 पीएम से 02:10 पीएम
शुभ (उत्तम): 03:54 पीएम से 05:37 पीएम
लाभ (उन्नति): 08:37 पीएम से 09:54 पीएम
शुभ (उत्तम): 11:11 पीएम से 12:27 एएम (16 जुलाई)
मंगला गौरी व्रत पूजा-विधि
(हर विधि में छिपा है सुखद जीवन का मंत्र)
- पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- भगवान शिव का जलाभिषेक करें या रुद्राभिषेक कर सकते हैं।
- माता पार्वती को पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक करें।
- माता को फल, लाल चंदन, मिठाई, लाल फूल और सोलह श्रृंगार की चीजें अर्पित करें।
- पूजा में 16 प्रकार की सामग्री चढ़ाएं क्योंकि इस उपवास में सोलह संख्या का विशेष महत्व है।
- मंदिर में घी का दीपक जलाएं और पूरे विश्वास से व्रत का संकल्प लें।
- मंगला गौरी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
- शिव चालीसा और पार्वती चालीसा का पाठ करें।
- पूरी श्रद्धा से शिव-पार्वती की आरती करें और भोग अर्पित करें।
- अंत में क्षमा याचना करें और सभी से मंगल कामनाएं प्राप्त करें।
मंगला गौरी व्रत के सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय
(जिनकी शादी में रुकावटें हैं या वैवाहिक जीवन में कलह है, उन्हें अवश्य अपनाना चाहिए)
अगर आपके वैवाहिक जीवन में बार-बार परेशानियाँ आ रही हैं, या विवाह तय होते-होते रुक जा रहा है, तो इस दिन मंगला गौरी का व्रत करें।
- माता पार्वती को लाल चुनरी चढ़ाएं।
- श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
- पति के साथ मिलकर शिव-पार्वती की जोड़ी की पूजा करें।
इससे आपके दांपत्य जीवन में नयापन, सामंजस्य और मधुरता बनी रहेगी। यह व्रत न केवल सांसारिक सुख देता है, बल्कि आत्मिक शांति भी प्रदान करता है।














