
श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रक्षा बंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक पर्व है। इस साल यह शुभ अवसर 09 अगस्त को पड़ रहा है। पवित्रता और सद्भाव का यह त्योहार सिर्फ राखी बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ जुड़े कई धार्मिक और सामाजिक नियम भी होते हैं जिन्हें मानना अत्यंत लाभकारी माना गया है।
भद्रा काल इस पर्व में विशेष महत्व रखता है। ऐसी मान्यता है कि भद्राकाल के दौरान राखी बांधना अशुभ होता है। सौभाग्य से इस वर्ष राखी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा, जिससे पूरा दिन शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त रहेगा। आइए जानते हैं इस दिन किन बातों का विशेष रूप से पालन करना चाहिए और किन बातों से बचना ज़रूरी है।
रक्षा बंधन पर ये कार्य अवश्य करें:
साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें : इस दिन शरीर और मन की पवित्रता का ध्यान रखना चाहिए। स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और सकारात्मक ऊर्जा के साथ पर्व में भाग लें।
पूजन थाली को सुसज्जित करें : राखी बांधने से पहले एक सुंदर पूजा थाली तैयार करें। इसमें दीपक, रोली, अक्षत (साबुत चावल), मिठाई, और राखी शामिल हों।
दिशाओं का ध्यान रखें : राखी बांधते समय भाई का मुख पश्चिम दिशा की ओर तथा बहन का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ फलदायक माना गया है।
राखी की तीन गांठें बांधें : बहन को राखी बांधते समय तीन गांठें लगानी चाहिए, जो प्रेम, सुरक्षा और विश्वास के प्रतीक मानी जाती हैं।
सिर को ढकें : भाई को राखी बंधवाते समय सिर पर रुमाल या कलावा रखने की परंपरा है, जो सम्मान और शुभता का प्रतीक मानी जाती है।
जरूरतमंदों को दान दें : इस शुभ दिन पर सामर्थ्यानुसार दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
बहन को उपहार दें : भाई को राखी बंधवाने के बाद बहन के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेना चाहिए और फिर उपहार या कुछ धनराशि भेंट करनी चाहिए।
इन बातों से रहें सावधान: रक्षा बंधन पर न करें ये गलतियां
भद्राकाल में राखी न बांधें : किसी भी प्रकार की पूजा या शुभ कार्य भद्राकाल में न करें। राखी बांधने के लिए उचित और शुभ मुहूर्त का ही चयन करें।
बाएं हाथ पर राखी न बांधें : राखी हमेशा भाई के दाहिने हाथ की कलाई पर ही बांधनी चाहिए। बाएं हाथ पर राखी बांधना अशुभ माना जाता है।
पूजा थाली को उपेक्षित न रखें : पूजा के बाद थाली को कहीं गंदे या अनादरपूर्ण स्थान पर न रखें। इसे सम्मान के साथ स्वच्छ स्थान पर रखें।
उपहार का चयन सोच-समझकर करें : इस दिन नुकीली चीजें, परफ्यूम या रूमाल जैसे उपहार देने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ संकेत माना गया है।
टूटे चावल से तिलक न करें : भाई के तिलक के लिए हमेशा साबुत अक्षत का प्रयोग करें। टूटे हुए चावलों से तिलक करना वर्जित है।
काले रंग के कपड़े न पहनें : त्योहार के दिन काले वस्त्र पहनने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। उज्ज्वल और शुभ रंगों के वस्त्र पहनना श्रेष्ठ होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।














