न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

Navratri 2025: नवरात्रि में भूलकर भी न चढ़ाएं ये फल मां दुर्गा को, जानें भोग से जुड़े जरूरी नियम

नवरात्रि में चाहे आप व्रत रख रहे हों या नहीं, पूरे नौ दिनों तक आपको सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए। इसका अर्थ है कि आहार में लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा जैसे तामसिक और अपवित्र तत्वों से दूरी बनाई जाए। घर में पकने वाला हर व्यंजन पूरी तरह सात्विक हो

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Thu, 18 Sep 2025 7:22:34

Navratri 2025: नवरात्रि में भूलकर भी न चढ़ाएं ये फल मां दुर्गा को, जानें भोग से जुड़े जरूरी नियम

शारदीय नवरात्रि 2025 का आरंभ जैसे-जैसे करीब आ रहा है, भक्तजन मां दुर्गा की आराधना और पूजा-पाठ की तैयारियों में जुट गए हैं। यह पर्व देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना और साधना का अवसर होता है, जहां हर दिन अलग-अलग देवी रूपों को विशेष भोग अर्पित किया जाता है। परंतु बहुत से श्रद्धालु यह नहीं जानते कि जितना आवश्यक मां को प्रिय फल और भोग चढ़ाना है, उतना ही जरूरी है यह जानना कि किन फलों और अन्नों को नवरात्रि में अर्पित करना वर्जित माना गया है।

नवरात्रि के दौरान जब देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, तो उन्हें भोग अर्पित करने की प्रक्रिया केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था और शुद्धता से जुड़ी एक अनिवार्य साधना होती है। इन दिनों पूजन सामग्री की पवित्रता और सात्विकता पर विशेष ध्यान देना होता है। कुछ ऐसे फल और खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें मां को अर्पित करने से पूजा का प्रभाव घट सकता है या नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है। इसी कारण आवश्यक है कि भोग की तैयारी पूरी सावधानी और सही जानकारी के साथ की जाए।

नवरात्रि में चाहे आप व्रत रख रहे हों या नहीं, पूरे नौ दिनों तक आपको सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए। इसका अर्थ है कि आहार में लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा जैसे तामसिक और अपवित्र तत्वों से दूरी बनाई जाए। घर में पकने वाला हर व्यंजन पूरी तरह सात्विक हो और भोजन से पहले माता रानी को भोग अर्पित करना अनिवार्य समझा जाए। यह अनुशासन केवल भक्ति नहीं, बल्कि आत्म-नियंत्रण और आस्था की अभिव्यक्ति भी है।


अब बात करते हैं उन फलों की जिन्हें माता को चढ़ाना वर्जित माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान नींबू, इमली, सूखा नारियल, नाशपाती और अंजीर जैसे फलों का भोग नहीं लगाया जाना चाहिए। ये फल या तो खट्टे प्रकृति के माने गए हैं या उन्हें अशुद्ध वर्ज्य माना गया है। खासकर इमली और नींबू, जिनमें तेज अम्लीय गुण होते हैं, उन्हें देवी पूजन में शामिल करना व्रत की पवित्रता को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा सड़े-गले, जूठे या कटे हुए फल भी माता रानी को अर्पित नहीं करने चाहिए, क्योंकि वे पूजा की शुद्धता को भंग करते हैं।

इसके विपरीत, कुछ फल ऐसे हैं जिन्हें देवी को चढ़ाना विशेष शुभ माना गया है। जैसे अनार, जो शक्ति और सौंदर्य का प्रतीक है; बेल फल, जो शुद्धता और तपस्या का संकेत है; आम, जो समृद्धि का प्रतीक है; और शरीफा व सिंघाड़ा, जिन्हें सात्विक आहार का भाग माना जाता है। बाल सहित नारियल, जिसे "जटा वाला नारियल" भी कहा जाता है, उसे मां को अर्पित करना बेहद मंगलकारी समझा जाता है। इन फलों को नवरात्रि के नौ दिनों में भक्ति भाव से चढ़ाने से देवी की कृपा प्राप्त होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

भोग के विषय में एक और जरूरी बात यह है कि माता के प्रत्येक रूप को अलग-अलग भोग अर्पित करने की परंपरा है। हालांकि इस लेख में उन सभी भोगों की सूची नहीं दी जा रही है, लेकिन मूल भावना यही है कि भोग का चयन देवी के स्वरूप, दिन और पूजा की विधि के अनुसार किया जाए, न कि केवल सुविधा या स्वाद के अनुसार।

नवरात्रि की पूजा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और साधना का माध्यम भी है। यदि श्रद्धालु भावपूर्वक और नियमों के अनुरूप पूजन करें, तो देवी दुर्गा की कृपा जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता के रूप में प्रकट होती है। इसलिए नवरात्रि के दौरान अर्पित किए जाने वाले हर फल और भोग का चयन सोच-समझकर, आस्था और परंपरा के अनुसार करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पुरानी परंपराओं और लोक आस्थाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है। कृपया किसी भी धार्मिक क्रिया या सामग्री का उपयोग करने से पहले संबंधित पंडित या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन