
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और कंटेनमेंट जोन को छोड़कर पूरे देश में 15 अक्टूबर से सारी गतिविधियां खुल जाएगी। 15 अक्टूबर से देश में सिनेमा हॉल्स, थियेटर, मल्टीप्लेक्स 50% क्षमता के साथ खुल जाएंगे। गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक देश में 15 अक्टूबर से सिनेमा हॉल्स, थियेटर, मल्टीप्लेक्स को खोलने की इजाजत होगी। ये सिनेमा हॉल्स, थियेटर, मल्टीप्लेक्स अपनी 50% क्षमता के साथ ही काम करेंगे। यानी कि यहां पर आधी सीट खाली रहेंगे। कोरोना के कारण बंद गतिविधियों को खोलने के लिए जारी गाइडलाइन्स में गृहमंत्रालय ने इस बार स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों को भी खोलने की अनुमति दे दी है, लेकिन इस पर फैसला राज्यों पर छोड़ दिया गया है। इसके अलावा मनोरंजन पार्कों को भी 15 अक्टूबर से खोलने की इजाजत मिल गई है। गृह मंत्रालय ने मनोरंजन पार्क और इसी के जैसे दूसरी जगहों को भी खोलने की इजाजत दे दी है।
15 अक्टूबर से स्विमिंग पूल को भी इजाजत
गृह मंत्रालय ने तैराकों के ट्रेनिंग के उद्देश्य से इस्तेमाल किए जाने वाले स्विमिंग पूल को भी 15 अक्टूबर से खोलने की इजाजत दे दी है।
सिनेमा हॉल खोलने की इजाजत
15 अक्टूबर से सिनेमा हॉल खोलने की इजाजत देते हुए गृहमंत्रालय ने साफ कर दिया है कि दर्शकों के लिए 50% सीट का ही उपयोग कर सकेंगे। सूचना व प्रसारण मंत्रालय इसके लिए अलग से एसओपी जारी करेगा। इसी तरह व्यापार मेलों की भी 15 अक्टूबर से ही अनुमति होगी, लेकिन इसमें आम लोगों के आने पर मनाही होगी। स्वीमिंग पूल को खिलाडि़यों के लिए पहले ही खोल दिया गया था, अब उसमें आम लोगों के लिए भी इजाजत होगी। युवा और खेल कार्यक्रम मंत्रालय इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेसिंग (एसओपी) जारी करेगा। वहीं इंटरटेनमेंट पार्क के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को एसओपी जारी करने को कहा गया है।
B2B प्रदर्शनी को भी इजाजत
गृह मंत्रालय ने बिजनेस टू बिजनेस प्रदर्शनी को भी 15 अक्टूबर से इजाजत दे दी है।
स्कूल पर फैसला 15 अक्टूबर के बाद
स्कूल, कॉलेज, कोचिंग इंस्टीट्यूट और दूसरी शिक्षण संस्थाओं को खोलने पर गृह मंत्रालय ने कहा है कि संबंधित राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश 15 अक्टूबर के बाद इस बारे में फैसला ले सकेंगी। इसके लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्कूल प्रबंधन और दूसरी एजेंसियों से बात करेंगी। पढ़ाई-लिखाई के लिए ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा को अभी भी ज्यादा तरजीह दी जाएगी। छात्रों को शारीरिक रूप से मौजूद होकर पढ़ने के लिए ऑनलाइन क्लास के लिए प्रेरित किया जाएगा। छात्रों को स्कूल जाने या ऑनलाइन क्लास में भाग लेने की छूट होगी और स्कूल की ओर से कोई दवाब नहीं बनाया जाएगा। स्कूल जाने वाले छात्रों के अभिभावक की लिखित सहमति के प्रावधान को बरकरार रखा गया है।
अब 100 से ज्यादा लोगों को जमा होने की इजाजत
इससे पहले केंद्र सरकार ने जिन सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक गतिविधियों के लिए 100 लोगों को जमा होने की इजाजत दी थी, अब ऐसे आयोजनों में 15 अक्टूबर के बाद 100 से ज्यादा लोग जमा हों सकेंगे। लेकिन इसके लिए निम्नलिखित शर्त होगी।
हर राज्य अपना-अपना एसओपी बनाएंगे
इसके पहले 21 सितंबर से नौवीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल जाने की अनुमति इन्हीं शर्तों के साथ दी गई थी। स्कूलों के लिए हर राज्य अपना-अपना एसओपी बनाएंगे और अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। इसी तरह शिक्षा मंत्रालय का उच्च शिक्षा विभाग गृहमंत्रालय के साथ मिलकर कॉलेज व अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के आने के लिए समय सारणी और एसओपी जारी करेगा। लेकिन शोध या अनुसंधान से जुड़े उच्च शिक्षा संस्थाओं को 15 अक्टूबर से खोलने की अनुमति मिल गई है।
पिछली बार की तरह इस बार भी गृहमंत्रालय ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकारें अपनी ओर से कंटनेमेंट जोन के बाहर कोई लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगी और राज्य के भीतर या दो राज्यों के बीच सामान और लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इसी तरह 65 साल से अधिक और 10 साल के कम उम्र के व्यक्ति को घर पर रहने की सलाह बरकरार रखी गई है।
आपको बता दे, महाराष्ट्र में 31 अक्टूबर तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है। महाराष्ट्र में होटल, फूड कोर्ट, रेस्ट्रॉन्ट-बार आदि को 50 फीसदी क्षमता के साथ चलाने की अनुमति होगी। इसके लिए 5 अक्टूबर से खोलने की इजाजत होगी।
दुर्गा पूजा के पंडाल की मिली इजाजत
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने दुर्गा पूजा के लिए पंडाल लगाने की इजाजत पहले ही दे दी है। हालांकि, ममता सरकार ने पंडालों को चारों तरफ से खुला रखने, श्रद्धालुओं, आयोजकों समेत अन्य लोगों को मास्क लगाने और पंडाल में जगह-जगह पर सेनिटाइजर रखने जैसी शर्तें भी लगाई हैं। सबसे कड़ी शर्त है कि किसी पंडाल में एक वक्त में 100 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं।
तमिलनाडु सरकार ने कुछ रियायतों के साथ 31 अक्टूबर तक लॉकडाउन बढ़ाने का एलान किया है। सरकार ने एक अक्टूबर से 10वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को शिक्षकों से संपर्क करने के लिए स्कूल जाने की पहले दी गई अनुमति पर भी रोक लगा दी है। अभिभावकों के विरोध के बाद सरकार ने यह फैसला किया है।
कर्नाटक में 15 अक्टूबर तक स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। राज्य सरकार इस संबंध में जल्द ही फैसला लेगी।














