अभी इरफान खान के इंतकाल के समाचार को 24 घंटे भी नहीं गुजरे थे कि बॉलीवुड ने अपने दर्शकों को बड़ा सदमा दिया। प्रात: 9:30 बजे समाचार प्राप्त हुए कि बॉलीवुड के सबसे सफल रोमांटिक नायक ऋषि कपूर का देहांत हो गया। इस समाचार ने सिने दर्शकों को ऐसा झटका दिया है जिससे उबरने में उन्हें लम्बा समय लगेगा।
70 के दशक में अपने पिता राजकपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ से अपना करियर शुरू करने वाले ऋषि कपूर को राजकपूर ने ‘बॉबी’ के जरिए बतौर रोमांटिक नायक परदे पर पेश किया। ‘बॉबी’ से रोमांटिक नायक के तौर पर अपने कदम जमा चुके ऋषि कपूर ने अपने करियर में सबसे ज्यादा भूमिकाएँ एक पागल प्रेमी के तौर पर कीं। फिल्म के पोस्टर पर ऋषि कपूर का नाम देखकर दर्शक समझ जाते थे कि एक और प्रेम कहानी हमने देखने जानी है।
जिन दिनों ऋषि कपूर का उदय हुआ उन दिनों बॉलीवुड में रोमांटिक नायक के तौर पर राजेश खन्ना का बोलबाला था। उन दिनों उनके अतिरिक्त ऐसा कोई रोमांटिक नायक नहीं था जिसके पीछे युवा पीढ़ी पागल थी, लेकिन जैसे-जैसे ऋषि कपूर का करियर बढ़ता गया, उन्होंने राजेश खन्ना से यह खिताब छीन लिया। ऋषि कपूर ने राजेश खन्ना के साथ भी परदे पर काम किया और परदे के पीछे उन्होंने राजेश खन्ना को फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ में निर्देशित किया।
अस्सी के दशक में भी कई अन्य सितारों ने बतौर रोमांटिक नायक अपनी पारी की शुरूआत की लेकिन जो सफलता ऋषि कपूर को मिली थी, उसे पाने में वे असफल रहे। ऋषि कपूर के बाद शाहरुख खान जरूर कुछ फिल्मों में अपनी इस इमेज से सफल रहे लेकिन वे भी वो मुकाम हासिल नहीं कर पाए जो ऋषि कपूर ने हासिल किया था। ऋषि कपूर ने शाहरुख खान की पहली फिल्म ‘दीवाना’ में भी पागल पे्रमी की भूमिका निभाई थी। शाहरुख खान भी इसी तरह की भूमिका में थे लेकिन जो छाप ऋषि कपूर ने छोड़ी वो शाहरुख नहीं छोड़ पाए थे।
नायक के बाद चरित्र भूमिकाओं में नजर आए ऋषि कपूर ने कई फिल्मों में बेहतरीन भूमिकाएँ अदा की। इनमें विशेष रही—दो दूनी चार और अग्निपथ। इन दोनों फिल्मों में उन्होंने जो कुछ परदे पर पेश किया, वैसा शायद ही कोई दूसरा अभिनेता कर सकता है। दो दूनी चार का मिडिल क्लास अध्यापक और अग्निपथ का रऊफ लाला ऐसे चरित्र हैं जिन्हें चाहकर भी दर्शक भूल नहीं पाएंगे। ‘अग्निपथ’ करण जौहर के पिता यश जौहर द्वारा अमिताभ बच्चन को लेकर बनाई गई फिल्म का रीमेक थी। मूल फिल्म में रऊफ लाला का कोई किरदार नहीं था, लेकिन रीमेक में इस किरदार को विशेष तौर पर लिखा गया था। कांचा चीना के रूप में जहाँ संजय दत्त ने एक अलग छाप छोड़ी थी, वहीं ‘रऊफ लाला’ के रूप में ऋषि ने जो अभिनय किया वो अपने आप में एक मिसाल थी।
ऋषि कपूर पिछले दो सालों से कैंसर से पीडि़त थे। वे करीब सवा साल तक न्यूयार्क में इलाज करवाके पिछले वर्ष ही भारत वापस आए थे। उम्मीद थी कि वे जल्द ही बड़े परदे पर एक बार फिर से अपने अभिनय का जलवा बिखेरने में कामयाब होंगे लेकिन ऐसा हो नहीं सका।














