
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक और जंगी बेड़े को रवाना किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चली आ रही तनातनी अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि देश की सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हर वक्त तैयार खड़ी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान की उंगलियां ट्रिगर पर हैं और किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का तुरंत और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
ईरानी विदेश मंत्री की यह प्रतिक्रिया बुधवार (28 जनवरी) को सामने आई, जब उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अमेरिका को कड़ा संदेश दिया। अराघची ने लिखा कि ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और यदि उस पर हमला हुआ तो उसकी सशस्त्र सेनाएं पूरी ताकत से पलटवार करेंगी। यह बयान ऐसे समय आया है, जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच चुकी है।
दरअसल, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान अपने विवादित परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता है, तो उसे बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने दावा किया था कि एक शक्तिशाली अमेरिकी जंगी बेड़ा ईरान की दिशा में बढ़ रहा है और अब उसके पास समय बहुत कम बचा है। इस बयान के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है।
अमेरिकी धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्बास अराघची ने न सिर्फ सैन्य तैयारी की बात दोहराई, बल्कि परमाणु समझौते को लेकर ईरान का रुख भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा से एक निष्पक्ष, बराबरी पर आधारित और आपसी लाभ वाली परमाणु डील का समर्थक रहा है। अराघची के मुताबिक, ऐसी किसी भी डील में धमकी, दबाव और डराने-धमकाने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समझौता ऐसा होना चाहिए, जो ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के अधिकारों को मान्यता दे और इस बात की गारंटी दे कि देश परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
परमाणु हथियारों के मुद्दे पर ईरानी विदेश मंत्री ने एक बार फिर पुराना रुख दोहराते हुए कहा कि ईरान ने कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं की है। उनके अनुसार, तेहरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से रिसर्च, मेडिकल और नागरिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका बेबुनियाद आशंकाओं के आधार पर ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार अली शामखानी का बयान भी सामने आया है, जिसने हालात को और गंभीर बना दिया है। शामखानी ने अमेरिका और इजरायल दोनों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका की ओर से कहीं से भी और किसी भी स्तर पर सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो उसे सीधे तौर पर युद्ध की शुरुआत माना जाएगा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ऐसे किसी भी हमले का जवाब तुरंत, पूरी ताकत से और अभूतपूर्व तरीके से दिया जाएगा, जिसमें तेल अवीव के केंद्र और हमलावर के सभी समर्थकों को निशाना बनाया जाएगा।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह तीखी बयानबाजी ऐसे वक्त में हो रही है, जब अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। इस सैन्य गतिविधि ने आशंकाओं को और बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में किसी भी छोटी चूक से बड़ा टकराव हो सकता है और ट्रंप प्रशासन कभी भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकता है।













