
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बड़ा और गंभीर दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान पिछले कई महीनों से मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर सैन्य तैयारी कर रहा था और उसका उद्देश्य क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण देशों को निशाना बनाना था।
Donald Trump ने यह बयान The Brian Kilmeade Show में दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान दिया, जहां उन्होंने कहा कि ईरान ने हजारों मिसाइलें तैयार रखी थीं और वह पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की योजना बना रहा था।
चार देशों पर साधे गए थे 1200 मिसाइलों के निशाने
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि पिछले करीब चार महीनों से ईरान ने अपने मिसाइल सिस्टम को सक्रिय कर रखा था। उनके अनुसार ईरान ने लगभग 1200 मिसाइलें चार अहम देशों की ओर तैनात कर दी थीं।
ट्रंप के मुताबिक इन मिसाइलों का निशाना United Arab Emirates, Qatar, Oman और Saudi Arabia जैसे देश थे। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर सकता था और इससे बड़े सैन्य टकराव की आशंका भी बढ़ सकती थी।
मध्य पूर्व में बढ़ रहा था तनाव
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ईरान की यह रणनीति केवल सैन्य ताकत दिखाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके जरिए वह पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में अपना दबदबा बढ़ाना चाहता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान लंबे समय से इस तरह की सैन्य तैयारियों के जरिए क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित करने की कोशिश करता रहा है। ट्रंप के अनुसार अगर समय रहते स्थिति पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो इसका असर कई देशों की सुरक्षा पर पड़ सकता था।
ईरान की रणनीति पर जताई चिंता
इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान की मिसाइल तैनाती से क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। उनका कहना था कि इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलों को तैयार रखना इस बात का संकेत था कि ईरान किसी बड़े सैन्य कदम की तैयारी में हो सकता था।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए थे और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाए जा रहे थे।
ट्रंप के इस बयान के बाद मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति और ईरान की सैन्य रणनीति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि ईरान की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।













