
दक्षिण अफ्रीका के क्वाजुलु-नेटाल प्रांत में एक बार फिर सड़क हादसे ने दिल दहला दिया है। डरबन के नजदीक गुरुवार को एक मिनीबस टैक्सी और भारी ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई, जिसमें 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं ने इस भयावह हादसे की पुष्टि की है। यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है, जब महज एक हफ्ते पहले इसी तरह के एक अन्य सड़क हादसे में 14 स्कूली बच्चों की जान चली गई थी।
टक्कर इतनी जबरदस्त कि बचने का नहीं मिला मौका
प्रांतीय परिवहन विभाग के अधिकारी सिबोनिसो दूमा ने बयान जारी कर बताया कि इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी 11 लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। मृतकों में एक स्कूली छात्र भी शामिल है। दूमा के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक चालक ने अचानक यू-टर्न लेने की कोशिश की, जिससे सामने से आ रही मिनीबस टैक्सी उससे जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि मिनीबस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कई यात्री उसमें फंस गए।
कई घायल, मलबे में फंसा रहा चालक
निजी आपातकालीन सेवा एएलएस पैरामेडिक्स के प्रवक्ता गैरिथ जैमिसन ने बताया कि हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में मिनीबस टैक्सी का चालक भी शामिल है, जो लंबे समय तक वाहन के मलबे में फंसा रहा। राहत और बचाव टीमों को उसे बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।
एक हफ्ते पहले भी हुआ था ऐसा ही दर्दनाक हादसा
गौरतलब है कि 19 जनवरी को जोहान्सबर्ग के पास भी इसी तरह का एक भयावह सड़क हादसा हुआ था। उस दुर्घटना में स्कूली बच्चों से भरी एक मिनीबस टैक्सी और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में 14 बच्चों की मौत हो गई थी। उस मामले में मिनीबस चालक को गिरफ्तार कर लिया गया था और उस पर 14 हत्या के आरोप लगाए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था और अन्य गाड़ियों को ओवरटेक करने के प्रयास में ट्रक से जा भिड़ा था।
हत्या के आरोप में बदले गए मामले
उस हादसे में शामिल 22 वर्षीय चालक पर शुरुआत में हत्या के समकक्ष अपराध का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में राज्य अभियोजकों ने आरोपों को बढ़ाकर सीधे हत्या में तब्दील कर दिया। इन घटनाओं ने दक्षिण अफ्रीका में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर मिनीबस टैक्सी व्यवस्था पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
आम लोगों की जीवनरेखा हैं मिनीबस टैक्सियां
दक्षिण अफ्रीका में मिनीबस टैक्सियां आम लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन का सबसे प्रमुख साधन मानी जाती हैं। अनुमान के मुताबिक, देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी रोजमर्रा के सफर के लिए इन्हीं टैक्सियों पर निर्भर है। ऐसे में लगातार हो रहे हादसे न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।













