
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और तेल संकट ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को और मुश्किल बना दिया है। देश के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने गुरुवार, 2 अप्रैल को ऐलान किया कि पेट्रोल की कीमतों में 137.24 रुपये की भारी बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे अब इसका रेट 458.4 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह, हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में 184.49 रुपये की बढ़ोतरी की गई और यह अब 520.35 रुपये प्रति लीटर हो गया है। उनके बयान के तुरंत बाद पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय ने नई कीमतें औपचारिक रूप से लागू कर दीं।
इतना ही नहीं, सरकार ने केरोसीन की कीमतों में भी बढ़ोतरी की घोषणा की। अब केरोसीन की कीमत 34.08 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 457.80 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री मलिक ने कहा कि ये नई कीमतें शुक्रवार से प्रभावी होंगी। ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध की शुरुआत के बाद से पाकिस्तान लगातार ईंधन संकट का सामना कर रहा है। यह पहली बार नहीं है जब युद्ध शुरू होने के बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है।
हालांकि, कुछ समय पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने बयान में स्पष्ट कहा था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि को वे स्वीकार नहीं करेंगे। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने युद्ध के शुरू होने के बाद पेट्रोल की कीमत में 95 रुपये और डीजल में 203 रुपये की तीसरी बढ़ोतरी की सिफारिश को खारिज कर दिया था। इसके पहले भी पीएम ने डीजल में 177 रुपये और पेट्रोल में 76 रुपये की बढ़ोतरी को रोक दिया था। उन्होंने यह भी बताया था कि 13 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद उन्होंने पहले इसी तरह की सिफारिश खारिज की थी।
लेकिन अब, लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और देश में पहले से जारी आर्थिक संकट के बीच, पाकिस्तान सरकार इस समय अपने लिए कोई आसान विकल्प नहीं पा रही है। युद्ध की शुरुआत के बाद, पाकिस्तान ने पहले 6 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी। अब इस बढ़ोतरी ने जनता पर एक और आर्थिक झटका दे दिया है, जिससे आम नागरिकों की जेब पर भारी दबाव बन गया है।













