
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले 20 दिनों से जारी तनाव और सैन्य संघर्ष ने बीती रात एक नया मोड़ लिया। पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पांच अलग-अलग स्थानों पर हवाई हमले किए, जिनमें भारी विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। इन हमलों के बाद पूरे इलाके में आग और धुएँ के गुबार फैल गए।
रिहायशी इलाके और अस्पताल निशाने पर
सूत्रों के अनुसार, रात साढ़े 9 बजे पाकिस्तानी JF-17 और F-16 लड़ाकू विमानों ने काबुल में हमला किया। इस हमले में अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के आसपास के रिहायशी इलाके, खुफिया एजेंसी GDI के हेडक्वार्टर के पास का आवासीय क्षेत्र, राष्ट्रपति भवन के आसपास का रिहायशी इलाका और काबुल एयरपोर्ट के पास पुराने नाटो बेस में स्थित 2 हजार बेड वाला सरकारी अस्पताल शामिल थे।
भारी विस्फोटक की वजह से रक्षा मंत्रालय और GDI हेडक्वार्टर के आसपास का पूरा आसमान आग की लपटों से भर गया। राष्ट्रपति भवन के पास के आवासीय इलाके में भी गंभीर नुकसान हुआ। काबुल के पार्की सनाई कोचक इलाके में स्थित नशे के इलाज के लिए बनाए गए 2 हजार बेड वाले अस्पताल में बमबारी के बाद आग के गोले की तरह अस्पताल धधक उठा।
मौतों और घायल होने वालों की संख्या
इस हमले में कुल 23 मिनट के भीतर पांच जगहों को निशाना बनाया गया। रात 2 बजे तक की जानकारी के अनुसार, इस बमबारी में कम से कम 400 लोग मारे गए और 250 से अधिक घायल हुए। काबुल के अलावा, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में भी हवाई हमले किए, लेकिन वहां फिलहाल किसी हताहत या घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
काबुल में रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। राहतकर्मी और आपातकर्मी अस्पताल और रिहायशी इलाकों से मृतक और दबे हुए लोगों को निकालने में जुटे हैं।
अफगान सरकार ने जताया विरोध
अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों और अस्पतालों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
वहीं, पाकिस्तान की सरकार ने जवाब में कहा कि एयरस्ट्राइक में आम नागरिकों को लक्षित नहीं किया गया था। उनका दावा है कि हमले का उद्देश्य अफगान सेना के हथियारों और ठिकानों को नष्ट करना था और हमले के दौरान आम लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया।
पिछले संघर्ष और नागरिक हानि
पिछले साल जुलाई से लेकर 17 मार्च 2026 तक पाकिस्तान की सेना और वायुसेना द्वारा आतंकवाद विरोधी अभियानों में कम से कम 74 आम नागरिक मारे गए। इस नई स्ट्राइक से पहले, सितंबर 2025 से 15 मार्च 2026 तक पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई में 131 अफगानी नागरिकों की जान गई। इस तरह, इस हमले के बाद कुल 531 निर्दोष अफगानी नागरिक पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों में मारे जा चुके हैं।
हामिद करजई का कड़ा विरोध
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने काबुल में रिहायशी और गैर-सैन्य ठिकानों पर हमलों की तीव्र निंदा की। करजई ने कहा कि इन हमलों से आम नागरिकों को व्यापक जान-माल का नुकसान हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान इसी तरह के हमले जारी रखता है, तो न केवल अफगानिस्तान बल्कि पाकिस्तान को भी इसके गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे।
पूर्व राष्ट्रपति ने यह भी जोर दिया कि पाकिस्तान को अपने हितों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ सभ्य और सहकारी संबंध बनाने के लिए संवाद का रास्ता अपनाना आवश्यक है, ताकि किसी भी तरह का मानव जनहानि वाला संकट दोहराया न जाए।













