
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि अब सैन्य कार्रवाई और सख्त बयानबाजी भी तेज हो गई है। अमेरिका ने बुधवार को दावा किया कि उसकी सेना ने मंगलवार को ईरान के एक दर्जन से अधिक माइन बिछाने वाले जहाजों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। वहीं दूसरी ओर ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि वह क्षेत्र से होने वाले तेल निर्यात को रोक सकता है और अपने विरोधी देशों तक एक बूंद तेल भी नहीं पहुंचने देगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 16 जहाज तबाह करने का दावा
अमेरिकी सेना के मुताबिक, उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान के 16 माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया है। यह जलमार्ग वैश्विक स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अब तक ऐसी कोई पक्की जानकारी नहीं मिली है कि ईरान ने इस समुद्री मार्ग में विस्फोटक बिछाए हैं।
अमेरिकी सेना ने अपने इस दावे के समर्थन में कुछ वीडियो भी जारी किए हैं, जिन्हें सार्वजनिक किया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय पर की गई जब ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने इस क्षेत्र में लगाए गए किसी भी माइन को तुरंत नहीं हटाया, तो अमेरिका ऐसा हमला करेगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा।
U.S. forces eliminated multiple Iranian naval vessels, March 10, including 16 minelayers near the Strait of Hormuz. pic.twitter.com/371unKYiJs
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 10, 2026
युद्ध के 11वें दिन तेज हुई बयानबाजी
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब 11वें दिन में पहुंच चुका है। इस दौरान दोनों पक्षों की तरफ से सख्त बयान लगातार सामने आ रहे हैं। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि इस युद्ध में अभी और बड़े तथा तेज हमले देखने को मिल सकते हैं। वहीं पेंटागन ने यह भी बताया है कि इस संघर्ष के दौरान कुछ अमेरिकी सैनिक घायल भी हुए हैं।
बातचीत की संभावना से इनकार
इस टकराव का असर पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है। ईरान के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे फिलहाल किसी भी तरह की बातचीत के पक्ष में नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने ट्रंप के खिलाफ तीखे और चेतावनी भरे बयान भी दिए हैं। इतना ही नहीं, ईरान ने इजरायल और खाड़ी के कुछ अरब देशों के खिलाफ भी नए हमलों की शुरुआत कर दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।













