
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप पर बनी डॉक्यूमेंट्री ब्रिटेन में बुरी तरह विफल साबित हुई। फिल्म ‘मेलानिया’ रिलीज होते ही दर्शकों की नजरों में नहीं आई और शुरुआती टिकट बिक्री बेहद कमजोर रही। लंदन के प्रीमियर शो में केवल एक टिकट ही बिक पाया, जबकि शाम 6 बजे के शो में सिर्फ दो टिकटों की बिक्री हुई। अन्य कई स्क्रीनिंग्स पूरी तरह खाली रहीं।
फिल्म का प्रोडक्शन और बजट
‘मेलानिया’ को अमेज़न और MGM स्टूडियोज ने प्रोड्यूस किया है। इसके राइट्स के लिए करीब 40 मिलियन डॉलर (लगभग 340 करोड़ रुपये) खर्च किए गए और प्रमोशन पर अतिरिक्त 35 मिलियन डॉलर (लगभग 300 करोड़ रुपये) खर्च हुए। डॉक्यूमेंट्री के डायरेक्टर ब्रेट रैटनर हैं, जबकि मेलानिया खुद एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर शामिल हैं। फिल्म में डोनाल्ड ट्रंप की 2025 में दोबारा चुनाव जीतने के बाद के 20 दिनों की घटनाओं को दिखाया गया है, जिसमें व्हाइट हाउस में उनकी वापसी, डिप्लोमैटिक इंगेजमेंट और निजी जीवन के पीछे के दृश्य शामिल हैं।
ट्रंप का दावा और ब्रिटेन का असली हाल
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इसे “Must Watch” बताते हुए कहा था कि टिकट तेजी से बिक रहे हैं। लेकिन ब्रिटेन में परिणाम इसके बिल्कुल विपरीत रहे। Vue सिनेमा चेन के चीफ टिम रिचर्ड्स ने बताया कि लंदन के इस्लिंगटन ब्रांच, ब्लैकबर्न, कैसलफोर्ड और हैमिल्टन जैसी जगहों पर कुल 28 स्क्रीनिंग्स में कोई एडवांस बुकिंग नहीं हुई। वांड्सवर्थ के Cineworld में 4 और ब्रॉटन में 5 टिकट बिकीं, लेकिन कुल मिलाकर रिस्पॉन्स बेहद ठंडा रहा।
सोशल मीडिया पर मजाक का विषय
फिल्म की फ्लॉपिंग सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। यूजर्स इसे “Embarrassing Flop” बता रहे हैं और मजाक में पूछ रहे हैं कि आखिर एक टिकट किसने खरीदा? कुछ लोगों ने नाइजेल फराज का नाम भी लिया, जो ब्रिटेन में ब्रेक्सिट आंदोलन के जनक माने जाते हैं। ट्रंप और फराज की दोस्ती जगजाहिर है। अमेरिका में ओपनिंग वीकेंड प्रोजेक्शन केवल 1-5 मिलियन डॉलर रही, जो फिल्म के भारी बजट के मुकाबले बहुत कम है।
दर्शकों में उत्साह नहीं
ब्रिटिश ऑडियंस में पहले से ही ट्रंप परिवार को लेकर मिश्रित भावनाएं थीं और इस डॉक्यूमेंट्री ने उन्हें आकर्षित नहीं किया। अमेज़न इसे बाद में प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम करने की योजना बना रहा है। थिएटर रिलीज में कमजोर शुरुआत से सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह भारी निवेश सही साबित होगा।
कुल मिलाकर, मेलानिया ट्रंप की डॉक्यूमेंट्री ब्रिटेन में बड़ी फेलियर के रूप में देखी जा रही है, जहां भारी बजट और प्रचार के बावजूद दर्शक थिएटर तक नहीं पहुंचे।













