
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब पड़ोसी देशों तक साफ दिखाई देने लगा है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट को निशाना बनाते हुए वहां हमला कर दिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ को परिसर के बाहर तोड़फोड़ और आगजनी करते देखा जा सकता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खामेनेई की मौत के विरोध में जुटी भीड़ अचानक हिंसक हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कॉन्सुलेट की बाहरी सुरक्षा दीवारों पर चढ़ने की कोशिश की, शीशे तोड़े और एक हिस्से में आग लगा दी। हालात कुछ ही देर में बेकाबू हो गए और इलाके में अफरातफरी मच गई। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, सुरक्षा बलों के सामने स्थिति संभालना चुनौतीपूर्ण होता गया।
हालात बिगड़े, पुलिस ने की फायरिंग
स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती देख सुरक्षा बलों ने सख्त कदम उठाए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पहले चेतावनी दी गई, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो फायरिंग की गई। इस गोलीबारी में कम से कम 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
कराची के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और रेंजर्स की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्थिति पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल कॉन्सुलेट के आसपास का इलाका सील कर दिया गया है।
American consulate in Karachi Pakistan under attack
— War Reporter (@tangentsofwar) March 1, 2026
Violent attack reported. pic.twitter.com/HmnMjiVbEB
अमेरिका की सख्त चेतावनी
घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि ईरान ने हमले और तेज किए तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा, “जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा।” ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और खामेनेई की हत्या की जिम्मेदारी को लेकर बयानबाजी जारी है।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि ईरान ने बड़े हमले की धमकी दी है, लेकिन यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका निर्णायक कार्रवाई करेगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
ईरान में नए नेता की प्रक्रिया शुरू
उधर, खामेनेई के निधन के बाद ईरान में नए सर्वोच्च नेता के चयन की संवैधानिक प्रक्रिया आरंभ हो गई है। देश के संविधान के तहत 88 सदस्यीय निकाय ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह संस्था शिया धर्मगुरुओं से मिलकर बनी होती है और हर आठ वर्ष में इसका चुनाव कराया जाता है।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स को जल्द से जल्द नए सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा, ताकि सत्ता और प्रशासनिक ढांचे में निरंतरता बनी रहे। ईरान की आंतरिक राजनीति और क्षेत्रीय हालात को देखते हुए यह चयन प्रक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है।














