
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के पास अब यूरेनियम संवर्धन करने या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं बची है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनुरोध पर इजरायल किसी भी तरह के हमले को रोकने के लिए तैयार है, खासकर ईरान के प्राकृतिक गैस फील्ड पर।
इजरायल के प्रमुख उद्देश्य
नेतन्याहू ने कहा, "हमारे तीन बड़े लक्ष्य हैं। पहला, ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त करना। दूसरा, उनके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को बेअसर करना। और तीसरा, ईरानी जनता के लिए ऐसे हालात तैयार करना, जिसमें वे अपनी आजादी और भविष्य खुद तय कर सकें। हम लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि अगर उनके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को रोका नहीं गया, तो यह सिर्फ शुरुआत होगी और ये मिसाइलें दूर-दूर तक हमले करने में सक्षम हो जाएंगी।"
#WATCH | Prime Minister of Israel Benjamin Netanyahu says, "The death cult in Iran is trying to blackmail the world by closing a key international maritime route - the Strait of Hormuz. It won`t work. Israel is helping in its own way and intel in other means the American effort… pic.twitter.com/cnWs0Iby04
— ANI (@ANI) March 19, 2026
ईरान की ब्लैकमेल रणनीति
इजरायली पीएम ने चेतावनी दी, "ईरान होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग को बंद करके दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिलेगी। इजरायल खुफिया जानकारियों और अन्य माध्यमों से अमेरिकी प्रयासों को सहयोग दे रहा है ताकि यह मार्ग खुला रहे। केवल कल्पना कीजिए कि अगर अयातुल्ला शासन के पास परमाणु हथियारों से लैस बैलिस्टिक मिसाइलें होतीं, तो वे पूरी दुनिया को किस तरह ब्लैकमेल कर सकते थे।"
'मैं जिंदा हूं और हम कामयाब होंगे'
नेतन्याहू ने इस दौरान यह भी जोर देकर कहा कि "मैं जिंदा हूं और आप सभी इसके गवाह हैं। राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में, अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान में उत्पन्न खतरों को खत्म करने के लिए रणनीतिक और शक्तिशाली कदम उठा रहे हैं। 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' उसी अयातुल्ला शासन से पैदा हुए खतरों को समाप्त करने के लिए तैयार किया गया है, जिसने पिछले 47 सालों से अमेरिका, इजरायल और ईरानी जनता के खिलाफ युद्ध छेड़ा हुआ है। यह शासन लगातार 'अमेरिका का नाश हो', 'इजरायल का नाश हो' जैसे नारे लगाता है और अपने ही लोगों के जीवन को खतरे में डालता है।"
'ईरान कमजोर और तबाह हो रहा है'
नेतन्याहू ने कहा, "हम जीत की ओर बढ़ रहे हैं और ईरान हर स्तर पर कमजोर हो रहा है। उनकी मिसाइल और ड्रोन की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया है और नष्ट किया जा रहा है। हमने उनके परमाणु ढांचे और मिसाइल प्रतिष्ठानों को पहले ही ठिकाने लगाया है। ईरान की हवाई सुरक्षा अब लगभग बेअसर हो चुकी है, उनकी नौसेना समुद्र में सीमित हो गई है और अभी भी काफी काम बाकी है, जिसे हम पूरा करेंगे।"














