
रविवार को ईरान ने ओमान के मुसैंडम प्रायद्वीप से करीब 5 समुद्री मील की दूरी पर पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर स्काईलाइट को निशाना बनाया। इस हमले के बाद जहाज पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इनमें 15 भारतीय क्रू मेंबर भी शामिल थे। इस हमले में चार लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अमेरिका ने दी ईरान को नई चेतावनी
ईरानी हमलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चेतावनी जारी की। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने आगे भी ऐसी गतिविधियां जारी रखीं, तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा, “जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा।” इसके बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमलों की शुरुआत कर दी। तेहरान सहित कई स्थानों पर धमाके सुने गए, और इस अभियान में ईरान के मिलिट्री चीफ मुसावी को मार गिराने की खबरें आईं।
साथ ही, ईरान भी पीछे नहीं रहा और इजरायल समेत पूरे मध्य-पूर्व में अमेरिकी बेसों पर लगातार जवाबी हमले कर रहा है। तनाव और बढ़ गया है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का बयान
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में हम आतंकवादी शासन के हजारों लक्ष्यों पर हमला करेंगे। उन्होंने ईरानी नागरिकों से अपील की कि वे अपने देश में अत्याचार की जंजीरों को तोड़ने के लिए सक्रिय हों।
नेतन्याहू ने कहा, “हे ईरान के नागरिकों, यह अवसर हर पीढ़ी में सिर्फ एक बार आता है। इसे हाथ से जाने न दें। आपका पल जल्द आएगा, जब आपको लाखों की संख्या में सड़कों पर उतरकर शासन को उखाड़ फेंकना होगा। आपका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। जिस मदद की आप लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे, वह अब आ पहुंची है। अब समय है कि फारसी, कुर्द, अजरबैजानी, अहवाज़ी और बलूची सभी अपनी ताकतें एकजुट करें और अपना भविष्य सुरक्षित करें।”














