
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव कब थमेगा, यह सवाल अभी भी दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर संकेत दिया है कि यह टकराव अब अपने अंत की ओर बढ़ सकता है। खास बात यह है कि यह बयान उस समय आया है जब Strait of Hormuz में नाकेबंदी जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे वैश्विक समुद्री आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष अब खत्म होने के करीब है। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर युद्ध समाप्ति की घोषणा नहीं की, लेकिन उनके शब्दों से यह साफ झलकता है कि हालात पहले के मुकाबले कुछ हद तक नियंत्रण में आते दिख रहे हैं। उन्होंने बातचीत के दौरान यह भी इशारा किया कि यदि उन्होंने कुछ संवेदनशील मुद्दों पर चुप्पी नहीं साधी होती, तो हालात और अधिक गंभीर हो सकते थे, यहां तक कि ईरान के पास परमाणु हथियार होने का खतरा भी बढ़ सकता था।
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने अपने अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर ईरान परमाणु शक्ति बन चुका होता, तो दुनिया का रवैया उसके प्रति बिल्कुल अलग होता। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि उस स्थिति में लोग उन्हें ‘सर’ कहकर संबोधित करने को मजबूर होते। जब उनसे साफ तौर पर पूछा गया कि क्या यह युद्ध समाप्त हो चुका है, तो उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से अपने अंतिम चरण में है और बहुत जल्द खत्म हो सकता है।
वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच पिछले दो हफ्तों से जारी नाजुक युद्धविराम अभी कायम है, हालांकि इसमें सिर्फ एक सप्ताह का समय बचा है। उन्होंने यह भी माना कि दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास बना हुआ है, जिसे खत्म होने में समय लगेगा। वैंस के अनुसार, इस गतिरोध को खत्म करने के लिए अगले दौर की बातचीत जल्द ही पाकिस्तान में शुरू हो सकती है, जो इस संकट के समाधान की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने रणनीतिक रूप से ईरान के समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ा दिया है। United States Central Command के तहत क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जा रही है और जहाजों की आवाजाही पर सख्त नियंत्रण लागू किया गया है। इसी क्रम में अमेरिका ने अपना शक्तिशाली विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln भी तैनात कर दिया है, जिस पर आधुनिक पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान सक्रिय रूप से ऑपरेशन कर रहे हैं।
CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक पोस्ट में बताया कि यूएसएस अब्राहम लिंकन पर उड़ान संचालन लगातार जारी है। इसमें विमान संचालन से जुड़े अधिकारी उड़ान से पहले और बाद की सुरक्षा प्रक्रियाओं को सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे किसी भी तरह की चूक की संभावना को खत्म किया जा सके। यह तैनाती साफ तौर पर संकेत देती है कि अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
कुल मिलाकर, हालात भले ही कुछ हद तक शांत होते दिख रहे हों, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में बातचीत और कूटनीतिक प्रयास ही यह तय करेंगे कि यह संघर्ष वास्तव में समाप्त होगा या फिर एक नए मोड़ पर पहुंच जाएगा।













