
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में जेल की सजा सुनाए जाने के बाद देश की सियासत एक बार फिर उबाल पर है। सजा के ऐलान के तुरंत बाद इमरान खान ने अपने समर्थकों से सड़कों पर उतरने की अपील की है। इस आह्वान के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और खासतौर पर रावलपिंडी को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जहां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए रावलपिंडी में करीब 1300 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ता बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मैदान में उतारा गया है।
रावलपिंडी में कड़ा पहरा, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
इमरान खान समर्थकों के संभावित विरोध को लेकर पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से रावलपिंडी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं और शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यहां 1,300 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात कर सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, तैनात किए गए सुरक्षा बलों में दो सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, सात डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, 92 अपर सबऑर्डिनेट अधिकारी और 340 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। इसके अलावा एलीट फोर्स के कमांडो के सात दस्ते, 22 रैपिड इमरजेंसी और पर्सनल सिक्योरिटी ऑपरेशन्स यूनिट्स भी तैनात की गई हैं। साथ ही, किसी भी हिंसक स्थिति से निपटने के लिए एंटी-रायट मैनेजमेंट विंग के 400 जवानों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
जेल से इमरान खान का समर्थकों को संदेश
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीवी को 17-17 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। यह फैसला रावलपिंडी की कड़ी सुरक्षा वाली अडियाला जेल परिसर में स्थित एक विशेष अदालत ने सुनाया। गौरतलब है कि इमरान खान अगस्त 2023 से इसी जेल में बंद हैं।
फैसले के सार्वजनिक होते ही रविवार सुबह इमरान खान के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से एक पोस्ट साझा किया गया। इस पोस्ट में बताया गया कि सैन्य शैली में चलाए गए मुकदमे के फैसले के बाद इमरान खान ने पार्टी नेतृत्व से विरोध आंदोलन की रणनीति तैयार करने का आग्रह किया है। इस संदेश के बाद पीटीआई समर्थकों में हलचल तेज हो गई है।
जमात-ए-इस्लामी ने भी प्रदर्शन का एलान किया
सिर्फ पीटीआई ही नहीं, बल्कि दक्षिणपंथी दल जमात-ए-इस्लामी ने भी रविवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी ने इसे ‘ब्लैक लॉकर गवर्नमेंट एक्ट 2025’ के खिलाफ आंदोलन बताया है। जमात-ए-इस्लामी के इस ऐलान के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का फैसला किया है, ताकि हालात नियंत्रण में रखे जा सकें।
लगातार बढ़ते राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शनों की आशंका के बीच पाकिस्तान के कई शहरों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है।














