
शनिवार को मिडिल ईस्ट में स्थिति अत्यधिक तनावपूर्ण हो गई, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए। लगातार जारी हमलों के जवाब में ईरान ने भी विभिन्न देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसी बीच दुबई से जोरदार धमाकों की खबरें आईं, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से बुर्ज खलीफा को खाली करवा दिया गया। रियाद में भी धमाकों की सूचना मिली। अबू धाबी के कुछ निवासियों ने एएफपी को बताया कि उन्होंने अमेरिकी कर्मियों के ठिकानों के पास विस्फोट की आवाजें सुनीं। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत होने की पुष्टि हुई।
UAE रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए कहा, "आज यूएई पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला हुआ। यूएई की वायु रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों को रोकने में सफलता प्राप्त की। एक आवासीय इलाके में मिसाइल के मलबे के गिरने से संपत्ति को कुछ नुकसान पहुंचा और एक एशियाई नागरिक की मौत हुई। UAE में सुरक्षा स्थिति स्थिर है और सभी संबंधित एजेंसियां 24 घंटे सतर्क हैं।"
Ministry of Defence of the United Arab Emirates tweets, "The UAE today was subjected to a blatant attack involving Iranian ballistic missiles, noting that UAE air defence systems dealt with the missiles with high efficiency and successfully intercepted a number of missiles.… pic.twitter.com/CTEzFuBZnO
— ANI (@ANI) February 28, 2026
अमेरिका और इजरायल का हमला
शनिवार को मिडिल ईस्ट की स्थिति और जटिल हो गई, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए। इसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का कार्यालय भी शामिल था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि हमले के समय खामेनेई कार्यालय में मौजूद थे या नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान अभी भी अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रख रहा है और अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलों का विकास कर रहा है। ट्रम्प ने वीडियो संदेश में ईरानी जनता से अपील की कि वे खामेनेई शासन के खिलाफ खड़े हों और अपनी खुद की सरकार स्थापित करें।
इजरायल की प्रतिक्रिया
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि संयुक्त हमले का उद्देश्य ईरान द्वारा उत्पन्न अस्तित्वगत खतरे को समाप्त करना है। उन्होंने कहा, "हमारा अभियान बहादुर ईरानी जनता को अपने भविष्य का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का अवसर देगा।"
ईरान ने मातृभूमि की रक्षा का संकल्प लिया
अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद, ईरान ने मातृभूमि की रक्षा का स्पष्ट संकल्प लिया। ईरानी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "अब समय आ गया है कि मातृभूमि की सुरक्षा की जाए और दुश्मन के सैन्य अतिक्रमण का सामना किया जाए। इतिहास गवाह है कि ईरानियों ने कभी भी विदेशी आक्रमण के सामने झुके नहीं; इस बार भी उनकी प्रतिक्रिया निर्णायक और स्पष्ट होगी। आक्रमणकारियों को अपने अपराधों पर पछतावा होगा।"














