
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में 48 शीर्ष ईरानी नेता मारे गए। उन्होंने इस ऑपरेशन को “बेहद सफल” बताते हुए कहा कि घटनाक्रम उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ा है। ट्रंप के मुताबिक, इस हमले के बाद उभरा नया ईरानी नेतृत्व अब अमेरिका के साथ बातचीत करने की इच्छा जता रहा है।
‘ऐसी सफलता की किसी ने कल्पना नहीं की थी’
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि सैन्य अभियान के नतीजे चौंकाने वाले हैं। उनके शब्दों में, “जो सफलता हमें मिल रही है, उस पर लोगों को यकीन नहीं हो रहा। एक ही स्ट्राइक में 48 नेताओं का सफाया हो गया और पूरा घटनाक्रम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने संकेत दिया कि यह कार्रवाई रणनीतिक रूप से बेहद प्रभावी साबित हुई है।
ईरान में जारी है अमेरिकी सैन्य अभियान
सीएनबीसी से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान में चल रहा अमेरिकी सैन्य अभियान तय समय से पहले अपने लक्ष्य हासिल कर रहा है। उन्होंने इसे “संगठित और सटीक ऑपरेशन” करार दिया। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका की सैन्य योजना अपेक्षा से बेहतर परिणाम दे रही है और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।
‘नई लीडरशिप बातचीत को तैयार’
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के नए नेतृत्व ने वाशिंगटन से संपर्क साधकर वार्ता की इच्छा जताई है। समाचार एजेंसी Reuters के हवाले से उन्होंने कहा कि एक इंटरव्यू में यह स्पष्ट हुआ है कि ईरान की नई सत्ता बातचीत के लिए तैयार है और उन्होंने स्वयं भी संवाद के लिए सहमति दे दी है।
ट्रंप ने कहा, “उन्हें पहले ही समझौता कर लेना चाहिए था। उन्होंने चतुराई दिखाने की कोशिश की, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान में कुछ लोग सड़कों पर जश्न मना रहे हैं, जबकि दूसरी ओर बमबारी जारी है।
खामेनेई की मौत के बाद बढ़ा तनाव
ये बयान ऐसे समय में सामने आए हैं जब अमेरिका-इजरायल हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से इसे ईरान की सबसे बड़ी राजनीतिक घटनाओं में गिना जा रहा है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मध्य-पूर्व के उन इलाकों को निशाना बनाया है, जहां अमेरिकी सैनिक और सैन्य अड्डे मौजूद हैं। इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।
‘दुनिया के लिए कार्रवाई’ का दावा
ट्रंप इससे पहले भी ईरानी शासन को “इतिहास के सबसे हिंसक शासनों में से एक” बता चुके हैं। उनका कहना था कि अमेरिका की यह कार्रवाई केवल अपने हितों के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है।
बताया जा रहा है कि ट्रंप इस पूरे अभियान की निगरानी अपने फ्लोरिडा स्थित निजी आवास Mar-a-Lago से कर रहे थे।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच ट्रंप के दावे और संभावित वार्ता की बातों ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस पर है कि क्या यह टकराव आगे और बढ़ेगा या कूटनीतिक बातचीत की राह खुलेगी।














