न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

कांगो में इबोला का नया प्रकोप: 65 मौतों के बाद दहशत, पड़ोसी देशों तक फैलने की आशंका तेज

कांगो के इटुरी प्रांत में इबोला का नया प्रकोप फैलने से 65 मौतों के बाद दहशत बढ़ गई है। अफ्रीका CDC के अनुसार 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिससे युगांडा और दक्षिण सूडान तक संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है। जानें इस घातक वायरस की स्थिति, लक्षण और इससे जुड़ी ताजा जानकारी।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 16 May 2026 11:20:51

कांगो में इबोला का नया प्रकोप: 65 मौतों के बाद दहशत, पड़ोसी देशों तक फैलने की आशंका तेज

अफ्रीका के प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठन अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने पुष्टि की है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के इटुरी प्रांत में इबोला वायरस का नया प्रकोप सामने आया है। वर्ष 1976 में पहली बार पहचान के बाद यह कांगो में इस बीमारी का 17वां बड़ा प्रकोप माना जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक 246 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं और 65 लोगों की मौत की सूचना है, हालांकि इनमें से केवल 4 मौतों की प्रयोगशाला पुष्टि हो सकी है, जबकि बाकी मामलों की जांच प्रक्रिया जारी है।

युगांडा और दक्षिण सूडान पर संक्रमण फैलने की आशंका

यह प्रकोप मुख्य रूप से इटुरी प्रांत के मोंगवालु और रवामपारा स्वास्थ्य क्षेत्रों में केंद्रित है, लेकिन कुछ मामले प्रांतीय राजधानी बुनिया तक भी पहुंच चुके हैं। इटुरी का यह इलाका बेहद दुर्गम और दूरस्थ माना जाता है, जो राजधानी किंशासा से 1000 किलोमीटर से भी अधिक दूर स्थित है। खराब सड़क नेटवर्क और सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण यहां राहत और मेडिकल सहायता पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह क्षेत्र युगांडा और दक्षिण सूडान की सीमा के काफी करीब है, जिससे सीमा पार संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।

विस्थापन और संघर्ष ने बढ़ाई मुश्किलें

अधिकारियों के अनुसार बुनिया शहर की भौगोलिक स्थिति भी संक्रमण के फैलाव को आसान बना सकती है, क्योंकि यह युगांडा बॉर्डर के बेहद नजदीक है। लगातार लोगों की आवाजाही, क्षेत्र में पहले से जारी हिंसा और सशस्त्र समूहों की गतिविधियों के कारण हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। इस स्थिति ने संपर्क ट्रेसिंग और संक्रमण नियंत्रण को और अधिक कठिन बना दिया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह मामला इबोला ज़ैरे स्ट्रेन से जुड़ा हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि जीन सीक्वेंसिंग के बाद ही हो पाएगी। Africa CDC ने कहा है कि अंतिम रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा।

कांगो में पहले भी जानलेवा साबित हो चुका है इबोला

इबोला वायरस के मुख्य रूप से तीन प्रकार माने जाते हैं—इबोला वायरस, सूडान वायरस और बुंडीबुग्यो वायरस। इनमें से ज़ैरे स्ट्रेन कांगो में पहले भी सबसे घातक साबित हो चुका है, खासकर 2018 से 2020 के बीच हुए बड़े प्रकोप में, जिसमें 1000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कांगो में इबोला वैक्सीन और कुछ उपचार उपलब्ध हैं, लेकिन यह सभी प्रकारों पर प्रभावी नहीं है, इसलिए वायरस के स्ट्रेन की पहचान बेहद जरूरी है।

संक्रमण से निपटने के लिए हाई-लेवल बैठक

इस बीच युगांडा में भी एक मामला सामने आया है, जहां कांगो से आए एक व्यक्ति की मौत के बाद जांच में इबोला संक्रमण की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने इसे “आयातित केस” बताया है और स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में स्थानीय स्तर पर संक्रमण नहीं फैला है। युगांडा प्रशासन ने इस मामले से जुड़े सभी संपर्कों को क्वारंटीन कर दिया है, जिनमें एक हाई-रिस्क संपर्क भी शामिल है। स्थिति को गंभीर मानते हुए Africa CDC ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ आपात बैठक आयोजित की और रोकथाम रणनीतियों पर चर्चा की।

इबोला कितना खतरनाक और कैसे फैलता है?

इबोला एक अत्यंत घातक वायरस माना जाता है, जो आमतौर पर जंगली जानवरों से इंसानों में फैलता है और फिर मानव-से-मानव संपर्क के जरिए तेजी से फैल सकता है। यह संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों जैसे रक्त, उल्टी, पसीना और अन्य स्राव के संपर्क में आने से फैलता है। इसके अलावा संक्रमित वस्तुएं जैसे कपड़े, बिस्तर और मेडिकल उपकरण भी संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी, दस्त और मांसपेशियों में तेज दर्द शामिल होते हैं, जबकि गंभीर मामलों में आंतरिक या बाहरी रक्तस्राव भी देखा जाता है। गंभीरता को देखते हुए यह बीमारी कई बार जानलेवा साबित होती है, जिससे कांगो में फैला यह नया प्रकोप एक बार फिर पूरे अफ्रीका क्षेत्र के लिए बड़ा स्वास्थ्य संकट बन गया है।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
फ्लाईओवर पर आधी रात को मनाया पत्नी का जन्मदिन, सड़क पर बिछाया रेड कार्पेट; वायरल वीडियो के बाद पति समेत 14 लोग पुलिस के शिकंजे में
फ्लाईओवर पर आधी रात को मनाया पत्नी का जन्मदिन, सड़क पर बिछाया रेड कार्पेट; वायरल वीडियो के बाद पति समेत 14 लोग पुलिस के शिकंजे में
पहले कुत्ते पर आजमाया जहर, फिर एक-एक कर आठ लोगों की ले ली जान; गांव में दहशत फैलाने वाला कथित साइको किलर गिरफ्तार
पहले कुत्ते पर आजमाया जहर, फिर एक-एक कर आठ लोगों की ले ली जान; गांव में दहशत फैलाने वाला कथित साइको किलर गिरफ्तार
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन