
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर NTA के प्रमुख इस पूरे प्रकरण पर संसद की स्थायी समिति के सामने पेश होकर सवालों का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क पर विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया, जो देखते ही देखते तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया।
BJP दफ्तर की ओर बढ़ते कांग्रेस कार्यकर्ता, पुलिस से टकराव
जयपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक मामले के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने में नाकाम रही है। जब पुलिस ने भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए, तो हालात और तनावपूर्ण हो गए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने और उन पर चढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा, जिससे भीड़ को तितर-बितर किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और तीखी बहस भी देखने को मिली।
संसद में भी गूंजा NEET पेपर लीक मामला, NTA चीफ से पूछताछ
सड़क पर जहां विरोध प्रदर्शन जारी है, वहीं संसद में भी इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। गुरुवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के प्रमुख संसद की स्थायी समिति के समक्ष पेश हुए, जहां उनसे परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर विस्तृत सवाल-जवाब किए गए।
समिति ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी तलब किया है ताकि यह समझा जा सके कि इतनी सख्त व्यवस्थाओं के बावजूद पेपर लीक कैसे हुआ। इस समिति की अध्यक्षता कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कर रहे हैं। NTA प्रमुख से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए कौन-कौन से तकनीकी और प्रशासनिक उपाय किए गए थे।
CBI जांच में सामने आ रहे चौंकाने वाले खुलासे
इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में लगातार नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोग परीक्षा में सफलता की गारंटी के नाम पर अभिभावकों से भारी रकम वसूलते थे। कई मामलों में तो ‘ब्लैंक चेक’ तक लिए जाने की बात सामने आई है, जिनमें इच्छानुसार रकम भरने की शर्त रखी जाती थी।
सूत्रों के अनुसार, कुछ अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य के लिए 5 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक की डील करने को तैयार हो जाते थे। पहले टोकन मनी ली जाती थी और बाद में पेपर मिलान के आधार पर पूरी राशि वसूली जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे रैकेट में कोचिंग सेंटर की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का खेल चल रहा था।
कोचिंग नेटवर्क और ‘पेपर सेटिंग’ का बड़ा खेल
CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कोचिंग संस्थानों की आड़ में संगठित नेटवर्क तैयार किया गया था, जो परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने का दावा करता था। इस नेटवर्क के जरिए पिछले कई वर्षों से सिस्टम को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के लातूर को पिछले कुछ वर्षों में NEET कोचिंग का बड़ा केंद्र बनाया गया था, जहां इस तरह की गतिविधियां तेजी से बढ़ीं। जांच एजेंसियों ने कई संदिग्ध छात्रों और अभिभावकों से पूछताछ की है और इस पूरे रैकेट में कई महत्वपूर्ण कड़ियों का खुलासा हुआ है।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
इस पूरे मामले में अब तक मास्टरमाइंड समेत करीब 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे संभव हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली में गहरी खामियों की परतें खुल सकती हैं।














