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आपके फोन में अचानक बजा सायरन? घबराने की जरूरत नहीं, सरकार का आपदा अलर्ट सिस्टम टेस्ट हुआ सक्रिय

देशभर में मोबाइल फोन पर अचानक सायरन जैसी आवाज आने से लोग घबरा गए, लेकिन यह कोई खतरा नहीं बल्कि सरकार का आपदा अलर्ट सिस्टम SACHET का टेस्ट था। DoT और NDMA द्वारा किए गए इस परीक्षण का उद्देश्य आपात स्थिति में तेज सूचना पहुंचाना है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 02 May 2026 12:49:25

आपके फोन में अचानक बजा सायरन? घबराने की जरूरत नहीं, सरकार का आपदा अलर्ट सिस्टम टेस्ट हुआ सक्रिय

देश के कई हिस्सों में आज यानी 2 मई को लाखों-करोड़ों मोबाइल यूजर्स उस वक्त चौंक गए जब उनके फोन में अचानक तेज सायरन जैसी आवाज गूंजने लगी। इस अचानक आए अलर्ट से लोग घबरा गए, लेकिन अधिकारियों ने साफ किया है कि यह किसी आपात स्थिति का संकेत नहीं था, बल्कि एक नियोजित परीक्षण (ट्रायल) था।

दरअसल, यह पूरा अभ्यास भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा मिलकर किए जा रहे एक नए मोबाइल आधारित चेतावनी सिस्टम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य भूकंप, बाढ़, चक्रवात या किसी अन्य आपदा की स्थिति में लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाना है, ताकि समय रहते जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इस नई प्रणाली को SACHET (National Disaster Alert Portal) नाम दिया गया है। इससे पहले भी इस सिस्टम का परीक्षण दिल्ली-एनसीआर और कुछ अन्य प्रमुख शहरों में किया जा चुका है, और अब इसे देशव्यापी स्तर पर परखा जा रहा है।

मोबाइल अलर्ट में क्या लिखा था संदेश?

फोन पर आए अलर्ट संदेश में स्पष्ट रूप से बताया गया कि भारत सरकार द्वारा स्वदेशी तकनीक पर आधारित सेल ब्रॉडकास्ट सेवा शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य नागरिकों को आपदा की तुरंत और सटीक जानकारी देना है। संदेश में यह भी लिखा था—“सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र।” साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि यह केवल एक टेस्ट मैसेज है और इसके लिए किसी भी प्रकार की कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।

कैसे काम करता है यह अलर्ट सिस्टम?

यह पूरा सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) तकनीक पर आधारित है, जिसे अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) द्वारा मान्यता प्राप्त है। इस तकनीक के जरिए आपदा की स्थिति में संबंधित क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट भेजा जाता है।

इसमें तेज सायरन जैसी ध्वनि के साथ मैसेज भी प्रदर्शित होता है, ताकि लोगों का तुरंत ध्यान आकर्षित हो सके। सबसे खास बात यह है कि यह अलर्ट केवल उन्हीं क्षेत्रों में भेजा जाता है, जहां वास्तविक खतरा या आपात स्थिति होती है। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के माध्यम से यह संदेश एक साथ लाखों लोगों तक कुछ ही सेकंड में पहुंच जाता है।

क्यों जरूरी है यह सिस्टम?

इस तरह के आधुनिक अलर्ट सिस्टम का मुख्य उद्देश्य लोगों को आपदा से पहले चेतावनी देना है, ताकि वे सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंच सकें। सरकार का मानना है कि यदि नागरिकों को सही समय पर सही सूचना मिल जाए, तो प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

इस तकनीक के जरिए देश में आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में अधिक प्रभावी और त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।

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