न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

TMC में उथल-पुथल के बीच BJP की रणनीति स्पष्ट, सभी बागी नेताओं के लिए नहीं खुलेंगे पार्टी के दरवाजे

पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर बढ़ती हलचल के बीच BJP ने स्पष्ट किया है कि सभी बागी नेताओं को पार्टी में जगह नहीं मिलेगी। सुखेंदु शेखर रॉय को लेकर सकारात्मक संकेत हैं, जबकि सुष्मिता देव समेत अन्य नेताओं पर अभी मंथन जारी है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 13 Jun 2026 9:09:27

TMC में उथल-पुथल के बीच BJP की रणनीति स्पष्ट, सभी बागी नेताओं के लिए नहीं खुलेंगे पार्टी के दरवाजे

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी असंतोष और टूट-फूट की चर्चाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) बेहद सोच-समझकर कदम बढ़ा रही है। हालांकि टीएमसी के कुछ सांसदों और नेताओं द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने की इच्छा जताई गई है, लेकिन भाजपा फिलहाल किसी जल्दबाजी में दिखाई नहीं दे रही। पार्टी का मुख्य फोकस बंगाल में अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने और हालिया घटनाक्रमों के बीच दीर्घकालिक रणनीति पर काम करने का बताया जा रहा है।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतुष्ट नेताओं की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और कई नेता भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के संपर्क में हैं। इसके बावजूद भाजपा नेतृत्व यह स्पष्ट संकेत दे रहा है कि वह हर बागी नेता को अपने संगठन में शामिल करने के पक्ष में नहीं है। पार्टी प्रत्येक नेता की राजनीतिक उपयोगिता, जनाधार और भविष्य की संभावनाओं का अलग-अलग आकलन कर रही है।

बागी सांसदों को समर्थन मिल सकता है, लेकिन विलय नहीं

हाल ही में टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बयान के बाद यह चर्चा तेज हुई थी कि पार्टी से अलग होने वाले कुछ सांसद केंद्र में एनडीए सरकार का समर्थन कर सकते हैं। हालांकि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि ऐसे किसी समूह का सीधे भाजपा में विलय कराने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि यदि बागी सांसद अलग रास्ता चुनते हैं तो वे लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष अपना दावा पेश कर सकते हैं और खुद को तृणमूल कांग्रेस का वास्तविक गुट बताने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में वे अपने संगठनात्मक ढांचे और नेतृत्व की घोषणा भी कर सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि ऐसा हुआ तो मामला कानूनी और संवैधानिक बहस का विषय बन सकता है।

भाजपा का आकलन है कि ऐसी स्थिति में लंबी राजनीतिक और न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जैसा कि पहले लोक जनशक्ति पार्टी (LJP), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विभाजन के दौरान देखने को मिला था। इसलिए पार्टी फिलहाल दूरी बनाकर स्थिति पर नजर रखने की रणनीति अपना रही है।

सुखेंदु शेखर रॉय को लेकर सकारात्मक संकेत

टीएमसी छोड़ चुके राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय को लेकर भाजपा का रुख अपेक्षाकृत सकारात्मक माना जा रहा है। पार्टी के भीतर ऐसी चर्चा है कि यदि वे औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने का निर्णय लेते हैं, तो उनका स्वागत किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, भविष्य में यदि राज्यसभा की कोई सीट रिक्त होती है या उपचुनाव की स्थिति बनती है, तो भाजपा उनकी उम्मीदवारी पर भी विचार कर सकती है। माना जा रहा है कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और संसदीय समझ को पार्टी एक महत्वपूर्ण संपत्ति के रूप में देख रही है।

सुष्मिता देव को लेकर BJP अभी सतर्क

दूसरी ओर, पूर्व राज्यसभा सांसद और टीएमसी की पूर्व नेता सुष्मिता देव को लेकर भाजपा का रुख अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। तृणमूल कांग्रेस से दूरी बनाने के बाद उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की थी, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि भाजपा फिलहाल उन्हें तुरंत किसी बड़ी जिम्मेदारी या राज्यसभा सीट देने के पक्ष में नहीं दिख रही। बताया जा रहा है कि सुष्मिता देव की राजनीतिक भूमिका को लेकर अंतिम फैसला असम भाजपा नेतृत्व और केंद्रीय संगठन के बीच विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। चूंकि उनका राजनीतिक आधार मुख्य रूप से असम से जुड़ा रहा है, इसलिए राज्य इकाई की राय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रकाश बड़ाईक को लेकर स्थिति अभी अस्पष्ट

टीएमसी से इस्तीफा देने वाले एक अन्य राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक को लेकर भाजपा ने अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। पार्टी की ओर से न तो उनके संभावित प्रवेश पर कोई टिप्पणी की गई है और न ही भविष्य में किसी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा सार्वजनिक हुई है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि भाजपा इस पूरे घटनाक्रम में बेहद संतुलित रणनीति अपना रही है। पार्टी बंगाल में टीएमसी के भीतर पैदा हुई अस्थिरता का राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है, लेकिन साथ ही वह ऐसे किसी कदम से बचना चाहती है जिससे उसके अपने संगठन के भीतर असंतोष या शक्ति संतुलन पर असर पड़े।

हर नेता की राजनीतिक उपयोगिता का हो रहा आकलन

विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा फिलहाल "सभी को शामिल करो" की नीति पर नहीं चल रही है। पार्टी प्रत्येक बागी नेता की लोकप्रियता, संगठनात्मक क्षमता, सार्वजनिक छवि और क्षेत्रीय प्रभाव का मूल्यांकन कर रही है। इसी आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

बंगाल की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रमों के बीच भाजपा का यह सतर्क रुख संकेत देता है कि पार्टी केवल संख्या बढ़ाने के बजाय दीर्घकालिक राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दे रही है। आने वाले दिनों में टीएमसी के भीतर जारी हलचल और भाजपा की रणनीतिक प्रतिक्रिया राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।

राज्य
View More

Shorts see more

UPI PIN कैसे बदलें? जानें आसान तरीका और कब करना चाहिए PIN रीसेट

UPI PIN कैसे बदलें? जानें आसान तरीका और कब करना चाहिए PIN रीसेट

  • UPI से पैसे भेजना आसान है, इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए PIN का ध्यान रखना जरूरी है।
  • समय-समय पर UPI PIN बदलने से ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा कम होता है।
  • PIN भूलने पर डेबिट कार्ड और OTP से आसानी से रीसेट किया जा सकता है।
read more

ताजा खबरें
View More

CJP का जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन शुरू, संसद मार्ग पर सुरक्षा कड़ी; पुलिस हाई अलर्ट पर
CJP का जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन शुरू, संसद मार्ग पर सुरक्षा कड़ी; पुलिस हाई अलर्ट पर
23 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, CJP प्रतिनिधियों से मिले जेपी नड्डा
23 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, CJP प्रतिनिधियों से मिले जेपी नड्डा
अनशन खत्म होने लगे, 23 दिन बाद तीन छात्रों ने तोड़ी भूख हड़ताल; सोनम वांगचुक के अगले कदम पर टिकी निगाहें
अनशन खत्म होने लगे, 23 दिन बाद तीन छात्रों ने तोड़ी भूख हड़ताल; सोनम वांगचुक के अगले कदम पर टिकी निगाहें
'एक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी नहीं ले सकते', CJP के संसद मार्च के बीच राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा हमला
'एक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी नहीं ले सकते', CJP के संसद मार्च के बीच राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा हमला
राममंदिर दान चोरी केस: टिन्नू यादव के बड़े दावे, चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत कई नामों को लेकर किए चौंकाने वाले खुलासे
राममंदिर दान चोरी केस: टिन्नू यादव के बड़े दावे, चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत कई नामों को लेकर किए चौंकाने वाले खुलासे
‘शहीद हो जाऊंगा, फिर जन्म लेकर लौटूंगा...’ सिर से बहता रहा खून, घायल प्रदर्शनकारी पुलिस को देता रहा चुनौती
‘शहीद हो जाऊंगा, फिर जन्म लेकर लौटूंगा...’ सिर से बहता रहा खून, घायल प्रदर्शनकारी पुलिस को देता रहा चुनौती
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भीषण भूस्खलन, मलबे में दबा मकान; एक ही परिवार के 7 लोगों की दर्दनाक मौत
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भीषण भूस्खलन, मलबे में दबा मकान; एक ही परिवार के 7 लोगों की दर्दनाक मौत
'सरकार को इस तरह नहीं झुका सकते', NEET विवाद और राम मंदिर चंदा मुद्दे पर विपक्ष पर बरसीं कंगना रनौत
'सरकार को इस तरह नहीं झुका सकते', NEET विवाद और राम मंदिर चंदा मुद्दे पर विपक्ष पर बरसीं कंगना रनौत
कानपुर पहुंचीं किरण बेदी, भाजपा से चुनाव लड़ने को बताया अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल
कानपुर पहुंचीं किरण बेदी, भाजपा से चुनाव लड़ने को बताया अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल
लॉर्ड्स में IND vs ENG मुकाबला देखने पहुंचे अक्षय कुमार, व्हाइट बीयर्ड लुक ने सोशल मीडिया पर बटोरी सुर्खियां
लॉर्ड्स में IND vs ENG मुकाबला देखने पहुंचे अक्षय कुमार, व्हाइट बीयर्ड लुक ने सोशल मीडिया पर बटोरी सुर्खियां
रोहित-कोहली ने जीत के लिए झोंक दी ताकत, लेकिन गिल के फैसलों ने पलट दिया मैच
रोहित-कोहली ने जीत के लिए झोंक दी ताकत, लेकिन गिल के फैसलों ने पलट दिया मैच
मुंबई में भीषण सड़क हादसा, मानखुर्द में डिवाइडर से भिड़ी BEST बस; एक की मौत, चालक-परिचालक घायल
मुंबई में भीषण सड़क हादसा, मानखुर्द में डिवाइडर से भिड़ी BEST बस; एक की मौत, चालक-परिचालक घायल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: डॉ. अनिल मिश्रा पर भी कस सकता है शिकंजा, जांच में मिले अहम सबूत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: डॉ. अनिल मिश्रा पर भी कस सकता है शिकंजा, जांच में मिले अहम सबूत
मानसून में पेट की परेशानियों से रहना है दूर, तो अपनी डाइट में जरूर शामिल करें ये हेल्दी फूड्स
मानसून में पेट की परेशानियों से रहना है दूर, तो अपनी डाइट में जरूर शामिल करें ये हेल्दी फूड्स