तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद सायोनी घोष करीब एक महीने की खामोशी के बाद एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सक्रिय नजर आई हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में हुई नाबालिग लड़की की हत्या के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं की भी कड़ी आलोचना की और लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की। उल्लेखनीय है कि 8 जून के बाद पहली बार सायोनी घोष ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर कोई सार्वजनिक पोस्ट साझा की है।
नाबालिग पीड़िता के परिवार के प्रति जताई संवेदना
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सायोनी घोष ने बारुईपुर के सूरजापुर इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई दर्दनाक घटना की तीखी निंदा की। उन्होंने लिखा कि इस अमानवीय अपराध ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और वह पीड़िता के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि न्याय दिलाने के हर प्रयास में उनका पूरा समर्थन रहेगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बातचीत का किया दावा
सायोनी घोष ने अपने पोस्ट में कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से इस पूरे मामले पर चर्चा की है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह स्वयं इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा लगातार गिरफ्तारियां की जा रही हैं और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी कर दिया गया है। घोष के मुताबिक मुख्यमंत्री लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं और उन्होंने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी तथा उन्हें शीघ्र न्याय दिलाया जाएगा। इस त्वरित हस्तक्षेप के लिए सायोनी घोष ने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
उन्होंने आगे कहा कि बारुईपुर क्षेत्र की सांसद होने के नाते वह इस पूरे मामले से जुड़ी अपनी बात लिखित रूप में मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाएंगी। साथ ही पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी जताया कड़ा विरोध
सायोनी घोष ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो, भीड़ द्वारा हिंसा करना या कानून अपने हाथ में लेना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने मॉब लिंचिंग की घटनाओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। साथ ही यह भी बताया कि वह लगातार बारुईपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के संपर्क में हैं और पूरे मामले की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं।
क्या है बारुईपुर की पूरी घटना?
दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर क्षेत्र में लापता हुई 11 वर्षीय बच्ची का शव रविवार सुबह बरामद होने के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस के अनुसार बच्ची का शव सूरजापुर हाट इलाके में एक बोरी के अंदर मिला। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बारुईपुर-जयनगर मार्ग को जाम कर दिया, टायर जलाकर प्रदर्शन किया और कुछ पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की। लोगों की मांग थी कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
हत्या के आरोपी की भीड़ ने पीट-पीटकर ली जान
घटना के बाद हालात उस समय और गंभीर हो गए जब गुस्साई भीड़ ने बच्ची की हत्या और कथित दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ लिया और उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। प्रेसिडेंसी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कांकर प्रसाद बरुई ने बताया कि भीड़ की हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिसकी अलग से जांच की जा रही है। वहीं, बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।













